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डॉक्टर का वेतन काटने और वार्ड ब्वॉय को निलंबित करने के आदेश

सार

मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत के दौरान सभी ने संतोषजनक जवाब देते हुए चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधा की सराहना की गई और सभी सुविधाएं समय से उपलब्ध होने के बारे में जानकारी दी गई। दोनों मामलों में कार्रवाई के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि जिला चिकित्सालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में समाज के गरीब तबके के जरूरतमंद मरीज उपचार प्राप्त करने के लिए आते हैं इसलिए स्वास्थ्य केंद्रों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टर और स्टाफ संवेदनशील बने इसके लिए उन्होंने डॉक्टर एवं स्टाफ की कार्यशाला आयोजित कराने के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया।
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विस्तार
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रामपुर। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कुछ तीमारदारों ने डीएम के सामने यह मुद्दा उठाया कि कुछ डॉक्टर बाहर की दवा लिख रहे हैं। डीएम ने शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित चिकित्सक डॉ. डीके वर्मा के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहने और बाहर से दवाइयां लिखने की पुष्टि पर उनका वेतन काटने के साथ स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। अवैध वसूली किए जाने के आरोप में उन्होंने वार्ड ब्वॉय को निलंबित करने के निर्देश सीएमएस को दिए।
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डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने शुक्रवार की रात जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। महिला चिकित्सालय में सर्जिकल सहित विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों एवं उनके साथ आए तीमारदारों से चिकित्सालय स्तर से उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधा के संबंध में वार्ता की। मरीजों और उनके तीमारदारों से बातचीत के दौरान सभी ने संतोषजनक जवाब देते हुए चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधा की सराहना की गई और सभी सुविधाएं समय से उपलब्ध होने के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्होंने जिला चिकित्सालय में संचालित इमरजेंसी वार्ड, एनआरसी गंभीर नवजात शिशु उपचार इकाई एवं पोषण पुर्नवास केंद्र आदि का भी सघन निरीक्षण किया। इन वार्डों में भर्ती मरीजों एवं तीमारदार से चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधा के संबंध में जानकारी की गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गई लेकिन कुछ तीमारदारों द्वारा चिकित्सक के समय पर उपस्थित न होने एवं बाहर से दवाई लिखे जाने की शिकायत की गई। साथ एक वार्ड ब्वॉय पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया। दोनों मामलों में कार्रवाई के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि जिला चिकित्सालय एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में समाज के गरीब तबके के जरूरतमंद मरीज उपचार प्राप्त करने के लिए आते हैं इसलिए स्वास्थ्य केंद्रों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाहर से दवाई लिखने के मामले में उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सालय में कोई दवाई या उसकी संपूरक दवाई मौजूद है तो उस दवा के लिए मरीज पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालना उचित नहीं है। इस संबंध में जो भी स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन है उसके आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व्यापक रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी कार्यालय को प्रेषित करेंगे। डॉक्टर और स्टाफ संवेदनशील बने इसके लिए उन्होंने डॉक्टर एवं स्टाफ की कार्यशाला आयोजित कराने के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया।
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