जश्न–ए–रामपुर कार्यक्रम का आयोजन
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नवाबी शासन के शानदार इतिहास वाले शहर रामपुर की कला, संस्कृति और भोजन को लेकर नई दिल्ली में कार्यक्रम आयोजित हुआ। जश्न–ए–रामपुर के नाम वाले इस भव्य कार्यक्रम में रामपुर के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां भी शामिल हुए।
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में टीम फॉरगॉटन फूड के जश्न–ए–रामपुर में प्रसिद्ध हस्तियों ने रामपुरी जायके पर लंबी बातचीत की। फिल्म दस्तरख्वां ए रामपुर: ए कलिनरी जर्नी की स्क्रीनिंग हुई। खाद्य इतिहासकार डॉक्टर तराना हुसैन खान की किताब देघ से दस्तरख्वान: किस्सा और रामपुर की रेसिपी का विमोचन हुआ। रामपुर के हेरिटेज फूड पर लोगों ने अपनी राय पेश की और कोठी बेनजीर में होने वाली गतिविधियों के दास्तानें सुनी गईं। रामपुरी खिचड़ी और शाही खानों का स्वाद लिया गया।
जश्न–ए–रामपुर में पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां के अलावा डॉक्टर सौम्या गुप्ता, डॉ जयीता शर्मा, बीरेंद्र संधू, समीना नकवी, सदफ हुसैन, डॉ पुष्पेश पंत, राना सफवी, अनूठी विशाल, कमर खां खास तौर पर शामिल हुए।
पूर्व मंत्री नवेद मियां के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि जश्न–ए–रामपुर के जरिए इस रियासत के अतीत और नवाबों के शान को दुनिया के सामने लाने वाली तराना हुसैन खान रामपुर की ही एक लेखक और खाद्य इतिहासकार हैं। उनका ऐतिहासिक उपन्यास, 'द बेगम एंड द दास्तान' बहुत लोकप्रिय है। उन्होंने 'रामपुरी व्यंजन: खाद्य दंतकथाएं, यादें और व्यंजन' पुस्तक भी लिखी है। वो रामपुर बुक क्लब की संस्थापक हैं।