सपा नेता आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2017 के एक मामले में आज आना है। आजम खां की आवाज का नमूना नहीं लिए जाने के प्रार्थनापत्र पर सोमवार को फैसला आना था। संभावना है कि कोर्ट मंगलवार को अपना फैसला सुना सकती है।
मामला साल 2007 का है। विधानसभा चुनाव के प्रचार को दौरान आजम खां ने एक जनसभा को संबोधित किया था। जनसभा के बाद बसपा नेता धीर कुमार शील ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि आजम खां ने अपने भाषण में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है।
तहरीर के बाद पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने 30 अक्तूबर 2021 को आजम खां पर आरोप तय कर दिए थे। इस मामले में आजम खां की जमानत पहले ही मंजूर हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में चल रही है। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया था कि आजम खां की आवाज के नमूने लेकर उसकी जांच रिपोर्ट पेश की जाए।
जिस पर आजम खां के अधिवक्ता की ओर से आपत्ति दाखिल की गई थी। आपत्ति पर दोनों पक्षों की बहस 11 नवंबर को पूरी हो गई थी। सोमवार को इस मामले में फैसला आना था। लेकिन नहीं आ सका। मंगलवार यानी आज इस मामले पर कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।