सीआरपीएफ आतंकी हमले के मामले में बैलेस्टिक एक्सपर्ट ने कोर्ट में पेश
होकर गवाही दी। उनसे जिरह भी पूरी हो गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि
आतंकियों से जो हथियार बरामद किए गए थे, वह काफी खतरनाक थे। जांच में इसकी
पुष्टि हुई थी। 31 दिसंबर 2007 की रात में सीआरपीएफ कैंप पर हुए आतंकी
हमले में सात जवान शहीद हो गए थे।
साथ ही एक रिक्शा चालक की भी मौत हो गई
थी। घटना के चालीस दिन बाद पुलिस व एटीएस की टीम ने पाकिस्तान के दो
आतंकियों समेत आठ आतंकियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की इन
दिनों कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बुधवार को भी मामले में सुनवाई हुई।
इसके लिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आतंकियों को कोर्ट में पेश
किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से बैलेस्टिक एक्सपर्ट संजय खरे
ने पेश होकर गवाही दी। उनके साथ बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह भी की,
जिसका उन्होंने बखूबी जवाब दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकियों से जो
हथियार बरामद किए थे।
उनकी जांच लैब में हुई थी। यह हथियार खतरनाक थे।
इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल हमले के दौरान भी किया गया। जिरह पूरी हो जाने
के साथ ही मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। सुनवाई के दौरान
कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े जबर्दस्त इंतजाम किए गए थे। इस दौरान
कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वालों की तलाशी भी ली गई।