मौलाना अब्दुल सामी कासमी उर्फ समीउल्लाह को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से गिरफ्तार किए जाने से गांव के लोग हैरत में हैं। मूल रूप से अजीमनगर थाना क्षेत्र के हरैटा गांव निवासी समीउल्लाह लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। उनकी पत्नी और बच्चे भी दिल्ली में रहते हैं।
समीउल्लाह इलाके में मुल्ला हरैटा के नाम से जाना जाता है। वो वर्ष 2008 स्वार-टांडा विधानसभा सीट से हाजी याकूब कुरैशी की पार्टी (यूडीएफ) से चुनाव भी लड़ चुका है और यूडीएफ का प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुका है। समीउल्लाह को लोग अच्छे वक्ता के रूप में जानते हैं। वो सार्वजनिक मंच से तकरीर किया करता था।
नेताओं के समर्थन में चुनावी भाषण भी देता था। कई साल पहले वो परिवार समेत दिल्ली चला गया था। जानकारों के मुताबिक गिरफ्तारी से कुछ दिन भी वो गांव आया था। समीउल्लाह की गिरफ्तारी से उनकी मां नूरजहां काफी मायूस हैं। गांव के लोग भी हैरत में हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि वो देश विरोधी गतिविधियों में संलग्न थे, इस पर विश्वास नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि समीउल्लाह को दो लोगों को साथ संडीला में एटीएस की मदद से एनआईए ने गिरफ्तार किया है। उस पर युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों के लिए भड़काने का आरोप है।
दिल्ली की विशेष अदालत ने समीउल्लाह को दस दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। रामपुर के एएसपी मोहम्मद तारिक का कहना है कि समीउल्लाह पर यहां कोई मुकदमा दर्ज है या नहीं इसका रिकार्ड खंगाला जा रहा है।