शहजादनगर थाना क्षेत्र में रेलवे गेटमैन की हत्या संपत्ति के विवाद में हुई थी। पुलिस इस मामले के खुलासे के नजदीक पहुंच गई है। पुलिस ने गेटमैन के एक बेहद ही नजदीकी परिजन को हिरासत में ले लिया है। उसके साथ हत्या को अंजाम देने वाले दूसरे आरोपी की तलाश की जारी है।
पुलिस बृहस्पतिवार को इस मामले का खुलासा करने वाली थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से चलते ऐन मौके पर खुलासे के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस स्थगित कर दी गई। शहजादनगर थाना क्षेत्र में सात फरवरी को एटा के मूल रूप से शिकोहाबाद निवासी गेटमैन नैपाल की हत्या कर शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था।
रेलवे के इंजीनियर राजकुमार शर्मा ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शहजादनगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने संयुक्त रूप से कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ये बात सामने आई कि नैपाल की हत्या में अपनों का ही हाथ था।
पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोपी को गिरफ्तार कर रखा है, उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस की माने तो नैपाल की हत्या संपत्ति विवाद के वजह से गई है। हत्या की साजिश शिकोहाबाद में रची गई है। शिकोहाबाद में रहने वाले उसके एक बेहद ही नजदीकी ने अपने साथी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी।
घटना से एक दिन पहले वो अपने साथी के साथ रामपुर आया। 7 फरवरी को रात के वक्त रेलवे फाटक 400 पर पहुंचा। फावड़े की बट से पीटकर भनभननैपाल को मौत के घाट उतार दिया। लाश को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों ही फरार हो गए।
पुलिस ने फोन काल डिटेल आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शिकोहाबाद में रहने वाले उसके साथी की तलाश कर रही है। पुलिस बृहस्पतिवार को ही मामले का खुलासा करने वाली थी, लेकिन किसी कारण से उसे टाल दिया गया।
गेटमैन की हत्या में जिस फावड़े का प्रयोग किया था उसे ज्वालानगर की एक दुकान से खरीदा गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना से पहले गेटमैन के रिश्तेदार ने अपने साथी के साथ मिल कर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की ज्वालानगर कालोनी से फावड़ा खरीदा था। इसी फावड़े से उसने नैपाल की हत्या की थी।
सूत्रों की मानें तो हत्या में प्रयुक्त फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है। नैपाल की हत्या के बाद आरोपी युवक भूमिगत हो गया था। पुलिस ने नैपाल के फोन को सर्विलांस पर लगाया तो आरोपी का नंबर कई दफा सामने आया। इस शक के आधार पर उसे पकड़ा और पूछताछ की।
हत्यारोपी की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। उसे बेटी की शादी भी करनी थी। उसने नैपाल से मदद मांगी तो उसने मना कर दिया। इसके बाद वह संपत्ति में हिस्सा मांग रहा था, लेकिन नैपाल इससे इंकार कर रहा था। पुलिस इस मामले के खुलासे के लिए गुरुवार को पूरी तरह तैयार थी। ऐन मौके पर खुलासे का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
एसपी दफ्तर पर मीडियाकर्मियों का भी जमघट लग गया था। खुलासे के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेस स्थगित कर दी गई। इसके पीछे कोई वजह नहीं बताई गई। एसपी कार्यालय पर जवाब देने वाला कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। एसपी के पीआरओ अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि वो इस बारे में जानकारी नहीं दे सकते हैं।
प्रेस कांफ्रेंस बुलाने के लिए उन्होंने ही मीडियाकर्मियों को फोन किया था, लेकिन प्रेस कांफ्रेंस स्थगित करने की जानकारी किसी को नहीं दी गई। ऐन मौके पर प्रेस कांफ्रेंस क्यों स्थगित की गई? इसका जवाब पुलिस अधिकारी भी नहीं दे रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व्यस्त होने की बात कह रहे हैं तो एसपी के पीआरओ ने भी पल्ला झाड़ लिया।
इस बीच अफवाह फैल गई है कि प्रेस कांफ्रेंस इसलिए स्थगित कर दी गई कि एक आरोपी थाने से फरार हो गया है। हालांकि बाद में यह बताया गया कि एक ही आरोपी पकड़ा गया है, दूसरे को गिरफ्तार करने के लिए टीम शिकोहाबाद गई है।