खजुरिया थाना पुलिस क्षेत्र से अपहृत किशोरी को तीसरे दिन भी बरामद नहीं कर सकी है। किशोरी पक्ष के लोगों ने सोमवार को थाने में धरना प्रदर्शन किया। पुलिस ने आरोपी पक्ष की मां समेत आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
14 मई की रात खजुरिया थाने के एक गांव निवासी एक व्यक्ति परिवार समेत गांव के मदरसे में आयोजित एक भोज में शामिल होने गया था। घर पर उसकी 15 वर्षीय पुत्री अकेली थी। आरोप है कि गांव निवासी रणवीर सिंह व भूपेंद्र उसकी पुत्री को रात में ही अपहरण करके ले गए। पुलिस ने दो दिन बाद अमर उजाला में खबर छपने के बाद मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली। सोमवार को किशोरी का पिता अन्य ग्रामीणों के साथ खजुरिया थाने पहुंचे और खिलाफ धरने पर बैठ गए। सूचना पर महिला थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ थाने पहुंच गईं। बाद में सीओ नितिन कुमार सिंह भी पहुंच गए।
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इस बीच भाकियू भानु के प्रदेश महामंत्री मोहम्मद हनीफ वारसी भी पहुंच गए। उन्होंने वार्ता कर बताया कि गांव में उनके समुदाय के मात्र सात ही परिवार हैं और उनकी पुत्री कोमौजूदा ग्राम प्रधान के पति ने ही गायब कराया है।
सीओ ने थाना प्रभारी को लापरवाही करने पर जमकर हड़काया। बाद पुलिस ने आरोपी की मां समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया। सीओ ने सभी को शीघ्र ही किशोरी को बरामद करने की बात कहकर समझा बुझाकर घर भेज दिया। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीओ का कहना है कि गांव में पूरी तरह से शांति है।