एआरटीओ (प्रवर्तन) कौशलेंद्र प्रताप यादव ने सोमवार को चेकिंग के दौरान लाल बत्ती और स्टार लगी इनोवा कार को रोका। गाड़ी रोकने पर कार में सवार शख्स ने खुद को बीएसएफ का डीआईजी बताते हुए रौब गालिब करने लगा। रौब न चलने पर फर्जी डीआईजी और उसके साथियों ने हाथापाई करनी शुरू कर दी।
वायरलेस सेट से कंट्रोल रूम को मैसेज भेजने पर आरोपी फरार हो गए। एआरटीओ ने इनोवा कार को सीज कर दिया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) कौशलेंद्र प्रताप यादव सोमवार सुबह कोसी तिराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। एआरटीओ ने बताया कि इसी दौरान सुबह करीब आठ बजे उन्होंने बरेली की दिशा से आ रही इनोवा कार को रोकने का इशारा किया।
कार पर आगे के नंबर प्लेट के साथ लाल पट्टी पर दो स्टार लगे थे। एक स्टार क्षतिग्रस्त था और लालबत्ती भी लगी थी। एआरटीओ ने बताया कि जब उन्होंने गाड़ी के कागज मांगे तो कार में सवार एक शख्स ने खुद को बीएसएफ का डीआईजी बताया और रौब गांठना शुरू कर दिया।
कागज न मिलने पर जब एआरटीओ ने गाड़ी की चाभी निकाल ली तो कार में सवार फर्जी डीआईजी ने अपने साथियों के साथ एआरटीओ के साथ हाथापाई शुरू कर दी। एआरटीओ ने वायरलेस सेट से कंट्रोल रूम को सूचना दी। इस पर आरोपी फरार हो गए। एआरटीओ ने बताया कि मामले में आरोपी फरार हो गए, लेकिन इनोवा कार को सीज कर दिया गया है।