रामपुर। मौलाना मोहम्मद अली जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को जौहर ट्रस्ट को लीज पर दिए जाने की शिकायत की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुरू कर दी है। एसआईटी ने इस मामले की शिकायत करने वाले एडवोकेट मुस्तफा हुसैन को एक सप्ताह के अंदर बयान दर्ज करने के लिए लखनऊ बुलाया है। इस संबंध में एसआईटी में के जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक हौसला प्रसाद ने मुस्तफा को पत्र भेजा है।
जौहर प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को जौहर ट्रस्ट को लीज पर दिए जाने की शिकायत मुस्तफा हुसैन और अन्य कुछ लोगों ने प्रदेश के सिंचाई राज्यमंत्री बलेदव सिंह औलख से की थी। इसको लेकर औलख को ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में कहा गया था कि रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर शिक्षण एवं शोध संस्थान को नियम विरुद्ध तरीके से प्रदेश के तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के मंत्री मोहम्मद आजम खान के निजी ट्रस्ट को लीज पर दे दिया गया है, जो शासनादेश का उल्लंघन है। ज्ञापन में आरोप लगाया है कि आजम खां के दबाव में जौहर शोध संस्थान को 100 रुपये के सालाना लीज पर जौहर ट्रस्ट को दे दिया गया। शोध संस्थान की बिल्डिंग में रामपुर पब्लिक स्कूल का संचालन किया जा रहा है। औलख ने इस मामले से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अवगत कराया था। मुख्यमंत्री इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने का आदेश दिया था। एसआईटी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। एसआईटी के जांच अधिकारी हौसला प्रसाद ने पूर्व मंत्री हाजी निसार हुसैन के पुत्र मुस्तफा हुसैन को पत्र लिखकर उपरोक्त मामले में बयान दर्ज करवाने के लिए मुख्यालय बुलाया है। साथ ही अन्य शिकायतकर्ताओं को भी बयान दर्ज करवाने के लिए कहा गया है। जांच अधिकारी ने अपने पत्र में यह कहा है कि इस मामले की शिकायत मोहम्मद आलिम, नावेद अली, रवि कुमार, जहूर अहमद, अकबर अली, टिकू कुमार, मोहम्मद यासीन और शकील अहमद द्वारा भी गई थी। शिकायती प्रार्थना पत्र पर उनका पता अंकित नहीं है। इन सभी शिकायतकर्ताओं का बयान भी दर्ज होना है। उन्होंने मुस्तफा हुसैन से अनुरोध किया है कि इन शिकायकर्ताओं को अपना कथन अंकित कराने के लिए अवगत कराएं। उन्होंने मुस्तफा से एक सप्ताह के अंदर एसआईटी मुख्यालय, लखनऊ आकर बयान दर्ज कराने को कहा है।