रामपुर बुशहर।
रामपुर थाना में स्कूली छात्रा के अपहरण मामले को लेकर दूसरे दिन मंगलवार को पुलिस की गिरफ्त में दोषी नहीं आ सका। दोषी का सुराग लगाने के लिए पूरे दिन पुलिस माथापची करती रही। लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। इस मामले को लेकर पुलिस ने रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में चलने वाले ऑटो सहित चालकों और मालिकों की शिनाख्त परेड करवाई। इन सभी को रामपुर पीजी कॉलेज मैदान में खड़ा किया गया। इसके बाद पुलिस ने सभी ऑटो के नंबर भी दर्ज कर लिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शहर में अभी तक कितने ऑटो अवैध तरीके से चलाए जा रहे हैं।
पुलिस मंगलवार सुबह से ही ऑटो चालकों से पूछताछ कर रही थी और जब दोषी का कोई सुराग न लगा तो पुलिस ने सभी ऑटो और चालकों-मालिकों की रामपुर पीजी कॉलेज मैदान में शिनाख्त परेड करवा डाली। इस दौरान छात्रा व उसके रिश्तेदार बुलाए गए थे। इस दौरान डीएसपी देव कुमार नेगी रामपुर थाना पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम के साथ मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि रामपुर और आसपास चलने वाले अधिकांश ऑटो के अंदर न तो नंबर लिखे गए हैं और न ही कोई हेल्पलाइन नंबर लिखा है। इसके अलावा ऑटो में रेट लिस्ट भी नहीं लगाई गई है। इसके अतिरिक्त ऑटो में किसी रूट का उल्लेख भी नहीं किया गया है। ये ऑटो किस-किस रूट पर चलते हैं, इसका भी कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। अगर यह व्यवस्था की जाती तो दोषी ऑटो चालक को पुलिस तत्काल दबोच सकती थी। इस बारे में पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कमजोरी भी स्पष्ट झलकने लगी है।
रिकॉर्ड रखना संभव नहीं : देवी चंद
ऑटो यूनियन रामपुर के प्रधान देवी चंद गौतम ने बताया कि यूनियन पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। पुलिस को पूरा सहयोग किया गया है। उनका कहना है कि सुबह रामुपर आने वाले सभी ऑटो की पर्ची काटी जाती है। किस रूट पर कौन सा ऑटो कब चला यह रिकॉर्ड उनके पास नहीं होता और न ही यह रिकॉर्ड रखना संभव है।
छानबीन में जुटी पुलिस : देव कुमार
इस बारे में डीएसपी रामपुर देव कुमार नेगी ने कहा कि शिनाख्त परेड के लिए सभी ऑटो, चालक और मालिक बुलाए गए हैं। पुलिस दोषी ऑटो चालक की छानबीन में जुटी है। इस दौरान सभी ऑटो के नंबर दर्ज कर लिए गए हैं और यह भी देखा जा रहा है कि रूट पर कितने अवैध ऑटो चल रहे हैं।