रामपुर। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोप में कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में 8 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के कृष्णा विहार कालोनी निवासी विजय कुमार वर्मा और शिवापुरम कालोनी निवासी हरीश कुमार ने इसको लेकर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। विजय कुमार वर्मा का कहना है कि वह कृष्णा विहार में गंगाराम सैनी के मकान में किराए पर रहता था। वहां मकान मालिक के पास अन्य आरोपियों का भी आना-जाना था। जिसके चलते उसकी भी जान पहचान हो गई। अगस्त 2016 में आरोपी उसके घर आए थे। आरोपियों ने उनको बताया कि कुछ भर्तियां निकली हैं। इसमें साक्षात्कार के आधार पर चयन होना है। उनकी जान पहचान है, उसकी नौकरी लगवा देंगे।वह आरोपियों के झांसे में आ गए थे। उनके द्वारा दिए गए आवेदन पत्र को भर दिया। आरोपियों ने उसके दोस्त हरीश कुमार से भी संपर्क किया और उन्हें भी नौकरी लगवाने का लालच देकर आवेदन करा दिया था। कुछ समय बाद आरोपित फिर दोनों के पास आए और विश्वास दिलाया कि उनके आवेदन स्वीकृत हो गए हैं। दिसंबर 2016 में साक्षात्कार होना है। दोनों साक्षात्कार के लिए इलाहाबाद पहुंच गए। लेकिन वहां साक्षात्कार नहीं हुआ। जानकारी करने पर बताया कि कुछ तकनीकी कारणों से साक्षात्कार टल गया है। जून 2017 में आरोपितों ने फिर संपर्क किया और बताया कि सिक्योरिटी के रूप में प्रत्येक युवक से -दस लाख रुपये जमा कराए जा रहे हैं। यह रकम सेवा समाप्ति पर मय ब्याज के वापस मिल जाएगी। विश्वास करके दोनों ने दस दस लाख रुपये दे दिए। काफी समय बीतने के बाद भी उन्हें नियुक्ति के संबंध में कोई आदेश नहीं मिला। इस पर दोनों ने आरोपियों से बात की तो सभी अलग-अलग बहाने बनाने लगे। तब दोनों को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने सिविल लाइंस कोतवाली में शिकायत की। एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। कार्रवाई न होने पर अदालत में प्रार्थना पत्र दे दिए। अदालत ने इस मामले में सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस को आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद पुलिस ने रंजन सिंह, गंगराम सैनी, निरंजन लाल,मोहम्मद साकिर ,शेर सिंह, देशराज, राहुल, और लीलाधर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की जांच की जा रही है।