रामपुर। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला सचिव पर्वत सिंह यादव और होमगार्ड की मंगलवार को हुई हत्या मामले में पुलिस ने दो परिवारों के आठ सदस्यों समेत दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। सभी आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं। गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच समेत अन्य टीम बनाई गई हैं। एसपी ने भी इस मामले में तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के करीबी सपा के पूर्व जिला सचिव पर्वत सिंह यादव और होमगार्ड उमराव सिंह की मंगलवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की इस वारदात के बाद गांव में कई घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा था। गुस्साए लोगों ने काफी देर तक हंगामा किया था। हत्या के बाद पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने पर्वत सिंह यादव के चाचा हेतराम की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस को दी गई तहरीर में हेतराम ने हत्या के पीछे मुख्य वजह सियासी रंजिश बताया है।
पुलिस ने इस मामले में दीनपुर निवासी सुरेश, सुरेंद्र, एवरन, गोविंद और सोमेश के साथ-साथ इसी गांव के त्रिमल, कैलाश उर्फ कलुवा और ट्विंकल को भी नामजद किया है। इसके साथ ही वीर सिंह और उसके बेटे रंजीत को भी मामले में नामजद किया गया है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आरोपियों के रिश्तेदारों तक के घरों में छापेमारी की लेकिन कोई पकड़ में नहीं आ पाया। पुलिस ने हालांकि इस मामले में कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सीओ केमरी आशुतोष तिवारी ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तारी के लिए कोशिश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के लिए एसओजी, सर्विलांस के साथ ही अन्य पुलिस की टीमों को लगाया गया है।