मसवासी (रामपुर)। चौकी क्षेत्र के गांव मानपुर उत्तरी में एक वृद्ध की गला घोट कर हत्या कर दी गई। वृद्ध की हत्या से परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घटना की रिपोर्ट अभी दर्ज नहीं कराई गई है। वृद्ध का पुत्र 15 दिन पूर्व मसवासी नगर पंचायत के पूर्व ठेकेदार इरफ़ान मियां हत्याकांड में मुख्य आरोपी है और जेल में है। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
मंगलवार की देर शाम हाजी जाफर अली ( 65 ) अपने पुस्तैनी मकान के नजदीक मस्जिद में तरावीह की नमाज अदा करने के बाद सो गए थे। आरोप है कि रात्रि लगभग एक बजे अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर चारपाई पर सो रहे हाजी जाफर अली की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के दौरान गले और मुंह से भारी मात्रा में खून बह गया जो चारपाई और उसके आसपास पड़ा था। मृतक के कपडे़ भी खून में लथपथ थे। मकान के तीन ताले भी टूटे हुए थे लेकिन घर से कोई सामान गायब नहीं था। बाकी परिजन स्वार- बाजपुर मार्ग स्थित नए मकान में सो गए थे। सुबह फजर की नमाज के बाद परिवार के लोग पुराने मकान में पहुंचे तो वृद्ध का शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़ा हुआ था। गले पर दबाने के निशान थे। शरीर के किसी अन्य हिस्से पर चोट का निशान नहीं था। परिजनों ने वृद्ध का शव देखा तो उनमें कोहराम मच गया। उन्होंने आनन फानन में पड़ोसियों को घटना से अवगत कराया। देखते ही देखते भारी तादाद में भीड़ एकत्र हो गई। गांव के ही खलील अहमद ने मृतक के पोते को साथ लेकर पुलिस चौकी में घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज राजेश कौशिक और स्वार इंस्पेक्टर रविंद्र वर्मा कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद कुमार पांडेय मौके पर पहुंच गए।घटना की बाबत परिजनों से पूछताछ की। कुछ ही देर बाद स्वार क्षेत्राधिकारी ओपी आर्य भी मौके पर पहुंच गए।बाद में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।चौकी इंचार्ज राजेश कौशिक ने बताया की घटना संदिग्ध है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ होगी, उसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।