रामपुर। गैंगरेप की विवेचना में लापरवाही पर अजीमनगर थाने में तैनात दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा टांडा थाने के एक सिपाही को भी निलंबित कर दिया गया है।
अजीमनगर थाने में कोर्ट के आदेश पर एक महिला ने गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान न तो पीड़िता का मेडिकल कराया गया और न ही उसके बयान लिए गए। दरोगा ने आनन-फानन में आरोपी को जेल भेज दिया। मामले की शिकायत इस मामले में एसपी से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों से की गई। एसपी ने मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अजीमनगर थाने में तैनात दरोगा राजेश शुक्ला को निलंबित कर दिया। इसके अलावा टांडा थाने में तैनात सिपाही शनिदेव को एक कर्मचारी के साथ अभद्रता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। एसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि इस मामले में दरोगा ने विवेचना में बिना साक्ष्य जुटाए ही आरोपी को जेल भेज दिया था। यह बड़ी लापरवाही है। इस पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने बताया कि विवेचना में किसी भी तरह की लापरवाही बरती गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।