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दरोगा-सिपाहियों के खिलाफ दर्ज हत्या के मुकदमे को पुलिस ने किया एक्सपंज

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रामपुर। जमीन के विवाद में ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या कर देने के मामले में दर्ज रिपोर्ट को अजीमनगर थाने की पुलिस ने जांच के बाद एक्सपंज (खारिज) कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच में आरोप झूठे पाए गए हैं। इस वजह से मुकदमे एक्सपंज कर दिया गया और इस बारे में अदालत को जानकारी भेज दी गई है।
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कोर्ट के आदेश पर अजीमनगर थाने में दरोगा, हल्का लेखपाल और तीन सिपाहियों सहित हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दो दिन के अंदर ही पुलिस ने मुकदमे को एक्सपंज कर दिया है। अजीमनगर थाना क्षेत्र के सैदाबाद निवासी पूरन सिंह आठ अक्तूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अपने वकील के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उसकी गांव में जमीन है। उसने आबादी में 150 गज जमीन का कई सालों पहले आवास के लिए पट्टा कराया था। 23 सितबंर 2018 को अजीमनगर थाने का दरोगा, हल्का लेखपाल, तीन सिपाहियों सहित 11 लोगों ने उसकी आवासीय जमीन पर बनी दीवार को गिरा दिया था। विरोध करने पर उसके पिता आनंद कुमार को मारपीट कर घायल कर दिया था। मारपीट में वह बेहोश हो गए और पुलिस वाले उनको तड़पता हुआ छोड़ कर फरार हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने उनके भाइयों के साथ भी मारपीट की और उनको थाने ले जाकर शांतिभंग में चालान कर दिया था। पिता को गंभीर स्थिति में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में अधिकारियों के आदेश पर भी रिपोर्ट दर्ज नही की थी लेकिन कोर्ट के माध्यम से प्रार्थना पत्र को संज्ञान में लेते हुए कोर्ट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने दरोगा बलबीर सिंह, हल्का लेखपाल प्रेमलाल, सिपाही ललित कुमार, योगेंद्र सिंह और नरेंद्र कुमार सहित वेद राम, श्याम सिंह, हरपाल, प्रेमपाल, हेमराज और अमीरदूला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। अजीमनगर थाना इंचार्ज ब्रजेश कुमार ने बताया कि इस मुकदमे को एक्सपंज कर दिया है। आरोप पूरी तरह से गलत हैं। ग्रामीण की मौत बीमारी के चलते मौत हुई थी।
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