रामपुर। अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच कराने की गुहार लगाने पहुंचे एसपी दफ्तर पहुंचे एक ग्रामीण को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पटवाई पुलिस को आरोपी को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ काफी सुबूत थे। इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया है।
मामला पटवाई थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र के बहपुरा गांव निवासी अमरपाल सिंह सोमवार को एसपी दफ्तर पहुंचा,जहां उसने पुलिस अधीक्षक को संबोधित एक प्रार्थना पत्र दिया,जिसमें उसने आरोप लगाया कि उसकी गांव में ही कुछ लोगों से रंजिश चल रही है। सिविल का एक मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। रंजिश के कारण एक महिला ने उसके खिलाफ पटवाई थाने में घर में घुसकर मारपीट करने और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया है। कहा कि यह मुकदमा पूरी तरह झूठा है इसलिए इस मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। एसपी ने उसकी पूरी बात को सुना और फिर इस पूरे मामले की जानकारी पटवाई पुलिस से ली। पटवाई पुलिस द्वारा बताए गए तथ्यों के आधार पर एसपी ने अमरपाल को गिरफ्तार करवा लिया। इसके बाद अमरपाल को पटवाई पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक डा.विपिन ताडा ने बताया कि पटवाई पुलिस से पूरे मामले की जानकारी ली गई है। बताया गया है कि उसके खिलाफ छेड़खानी और मारपीट का मुकदमा दर्ज है उसके खिलाफ पटवाई पुलिस के पास पुख्ता सुबूत है। पीड़ित महिला ने उस पर मारपीट करने और छेड़खानी का आरोप लगाया था। इसलिए उसे गिरफ्तार कराया गया। दूसरी ओर पटवाई थानाध्यक्ष राधेश्याम का कहना है कि अमरपाल शांतिभंग के मामले में पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उसने महिला को पीटा था,जिसकी शिकायत एएसपी से की गई थी। एएसपी के आदेश पर मुकदमा भी दर्ज किया गया था। दूसरी ओर अधिवक्ता रमेश लोधी का कहना है कि अमरपाल को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी निष्पक्ष जांच करने की मांग करने के लिए एसपी के पास गया था। वह इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग में करेंगे।