आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम
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सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने के आरोप में दर्ज मुकदमे में गुरुवार को गवाह कोर्ट पहुंचे, लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। जिस पर वादी के अधिवक्ता और अभियोजन की ओर से आपत्ति दाखिल की गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष के स्थगन को पांच हजार रुपये के हर्जाने पर स्वीकार किया है। अब इस मामले में 19 दिसंबर को सुनवाई होगी।
भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र होने के मामले में गंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में सपा नेता आजम खां और उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा भी आरोपी हैं। पुलिस इस मामले में तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इस मामले में आजम खां, डॉ. फात्मा और अब्दुल्ला जमानत पर चल रहे हैं। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान इस मुकदमे को गवाह दिनेश गोयल कोर्ट पहुंचे, लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र दिया गया, जिसमें कहा गया कि वो बीमार हैं, आज की सुनवाई स्थगित की जाए।
इस पर वादी के अधिवक्ता संदीप सक्सेना और अभियोजन की ओर से अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि बचाव पक्ष लगातार मुकदमे की सुनवाई को टालने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट ने उनकी आपत्ति पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने बचाव पक्ष के स्थगन प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को होगी। सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला आजम, आजम खां और तजीन फात्मा की ओर से कोर्ट में हाजिरी माफी प्रार्थनापत्र कोर्ट में दाखिल किया गया।