रामपुर। परिवहन विभाग की योजनाएं सिर्फ स्वीकृति तक सिमटी हुई हैं। लेटर ऑफ इंडेंट जारी होने के बाद भी किसी कंपनी ने अपना काम शुरू नहीं किया है। दो बड़े प्रोजेक्ट ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर और वाहन ट्रेनिंग सेंटर के निर्माण के लिए कंपनियों को स्वीकृति दी गई है, लेकिन कंपनियों ने अपना काम अभी शुरू नहीं किया।
शहजादनगर जीरो प्वाइंट के पास बनाए जाने वाले वाहन ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। कंपनी ने इसका टेंडर चार माह पहले कर दिया था। सड़कों पर हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के मकसद से परिवहन विभाग शहजादनगर में एक वाहन ट्रेनिंग सेंटर खोलने जा रहा है। जहां गाड़ी चलाना सीखने के लिए बाकायदा दाखिला होगा। फिर फीस जमा होने के बाद थ्योरी और प्रैक्टिकल के जरिए पढ़ाई कराई जाएगी। टेस्ट में पास होने पर प्रमाणपत्र जारी होगा। वहीं जिले में वाहनों की ऑटोमेटिक फिटनेस जांच कराने के लिए एक सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। अभी विभाग के द्वारा मैनुअली जांच की जाती है, लेकिन सेंटर बन जाने के बाद मशीनों के जरिए आठ प्रकार की जांचे कराई जानी है, जिससे काफी हद तक हादसों पर भी अंकुश लग सकेगा। मशीनों के जरिए जांच होने पर काम में पारदर्शिता तो आएगी, साथ ही वाहन खराबी दूर की जा सकेगी। ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर बनाने के लिए पहले चार कंपनियों के आवेदन किया था, जिसमें से एक कंपनी बिलासपुर की मैसर्स श्रीराम वुड प्रोडक्ट्स इन कंसोर्शियम विद जयगुरु इंटरप्राइजेज को स्वीकृत दी गई, लेकिन अभी कंपनी ने अपना काम शुरू नहीं किया है।
परिवहन विभाग ने लेटर ऑफ इंडेंट जारी किया है। अब यदि कंपनी अपना काम समय करेगी तो उसको काम दिया जाएगा। यदि नहीं करती है तो अन्य को देखा जाएगा। कोशिश है कि प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। - राजेश श्रीवास्तव, एआरटीओ, प्रशासन, रामपुर