रामपुर। साल 2023 में परिषदीय स्कूलों के कायाकल्प के काम जारी रहे। इसके चलते बेसिक स्कूलों की स्थिति में कुछ सुधार हुआ। तमाम स्कूलों में स्मार्ट क्लास भी शुरू की गईं। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए शिक्षकों के हाथों में टैबलेट सौंपे गए। वहीं माध्यमिक स्तर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी खलती रही। वहीं छात्रों के साथ शिक्षकों ने भी अपने कार्य से रामपुर का नाम रोशन किया।
परिषदीय स्कूलों की बदली सूरत
ग्रामीण इलाकों के परिषदीय स्कूलों को कायाकल्प योजना के तहत चकाचक किया गया। जिले में सौ से ज्यादा परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही यहां के भवनों को चमकाया गया। बिलासपुर के मानपुर ओझा स्कूल को हाईटेक किया गया। स्कूलों की सूरत बदलने का काम लगातार जारी रहा। बेसिक स्कूलों के विद्यार्थियों को ड्रेस के साथ मुफ्त किताबें दी गईं और बच्चों को मिड-डे-मील भी दिया गया। हालांकि, शहर के परिषदीय स्कूलों की हालत इस साल भी बदहाल रही। शहर के ज्यादातर स्कूल खंडहर में चलते रहे। शहर में किला परिसर स्थित सिटी मांटेसरी स्कूल को मॉडल बनाया गया। हालांकि, जिले के 100 से ज्यादा परिषदीय स्कूल में इस साल भी बिजली कनेक्शन नहीं हो पाए। गर्मियों में बच्चों को परेशानी उठानी पड़ी। इसी तरह तमाम स्कूलों में फर्नीचर न होने से बच्चे टाट-पट्टी पर बैठते रहे।
ऑनलाइन हाजिरी के लिए शिक्षकों को दिए गए टैबलेट
परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को सरकार की ओर से टैबलेट बांटे गए। 2000 से ज्यादा शिक्षकों को टैबलेट बांटे जा चुके हैं। इसके जरिये शिक्षकों को अपनी हाजिरी ऑनलाइन लगाने है। हालांकि, शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले अन्य व्यवस्थाएं दुुरुस्त की जाएं उसके बाद ही ऑनलाइन हाजिरी लगाएंगे।
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जिले को मिले 10 नए कॉलेज, शिक्षकों की खलती रही कमी
माध्यमिक शिक्षा परिषद के माध्यम से जिले को दस काॅलेज का तोहफा मिला। अब जिले में 42 सरकारी कॉलेज हो गए हैं। हालांकि, माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी इस बार भी बनी रही। तमाम राजकीय काॅलेजों में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के भी तमाम पद खाली हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासतौर से हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान व गणित के शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों के न होने से छात्रों को ट्यूशन का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।
बीएसए दफ्तर में खोला गया वीडियो रिकार्डिंग रूम
स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बीच बच्चों की पढ़ाई कराने के लिए बीएसए दफ्तर में वीडियो रिकार्डिंग रूम खोला गया। इस वीडियो रिकार्डिंग रूम में शिक्षक पढ़ाई का वीडियो बनाएंगे और उसे यूट्यूब के जरिये स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इसके लिए 400 स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाई गईं। तमाम स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाए जाने का काम चल रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले के नाम से यूट्यूब चैनल भी बना लिया है। सीडीओ की ओर से शुरू की गई यह पहल बच्चों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी।
शिक्षक सुमन और मुनीश को किया गया सम्मानित
2023 में शिक्षकों ने भी रामपुर का मान बढ़ाया। शिक्षक दिवस पर चमरौआ क्षेत्र के अहमदनगर गांव के संविलियन प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका डाॅ. सुमन अरोड़ा को लखनऊ में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी व बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सम्मानित किया था। इसके अलावा जैन इंटर कालेज में हिंदी विभाग के प्रवक्ता मुनीश चंद्र शर्मा को भी यूपी सरकार की ओर से सम्मानित किया गया। जिले के दो शिक्षकों को सम्मानित किए जाने से शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई हुई प्रभावित
इस साल जिले के दो हजार से ज्यादा विद्यार्थियों की पढ़ाई चलते सत्र के बीच प्रभावित हुई। रामपुर में सपा नेता आजम खां के दो स्कूल शासन की कार्रवाई की जद में आ गए। मार्च में यूपी सरकार ने सपा नेता के जौहर ट्रस्ट को दी गई जौहर शोध संस्थान भवन की लीज को खत्म कर दिया, जिसके बाद जौहर शोध संस्थान में संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल पर ताले पड़ गए। यहां पढ़ने वाले करीब डेढ़ हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। बाद में इन बच्चों को रामपुर पब्लिक स्कूल की दूसरी शाखा में दाखिला दिलाया गया। तमाम बच्चेे नाम कटाकर दूसरे स्कूलों में चले गए। वहीं नवंबर माह में जौहर ट्रस्ट द्वारा शिक्षा विभाग की जमीन पर संचालित रामपुर पब्लिक स्कूल गर्ल्स विंग पर भी ताले डाल दिए गए। यहां पढ़ने वाली पांच सौ से ज्यादा छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो गई। सरकार ने शिक्षा विभाग की जमीन वापस ले ली। यहां की छात्राओं को बाद में घोसियान मुहल्ला स्थित रामपुर पब्लिक स्कूल के दूसरे भवन में शिफ्ट किया गया। ये दोनों मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं।