रामपुर। सीएमओ कार्यालय में संविदा पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर नवीन कुमार को सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। वह डी.फार्मा का ट्रेनिंग लेटर बनाने के नाम पर तीन हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था। मुरादाबाद की एंटी करप्शन की टीम उसे गिरफ्तार कर बरेली ले गई।
सैदनगर के खौद के गांव वजवाला निवासी कैलाश सिंह वकील हैं। वह डी.फार्मा भी कर रहे हैं। उन्होंने 19 जून को सीएमओ कार्यालय में डी.फार्मा की ट्रेनिंग का लेटर बनाने के लिए आवेदन किया था। सीएमओ कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात गंगापुर आवास विकास कॉलोनी निवासी नवीन कुमार ने लेटर के एवज में तीन हजार रुपये की मांग करते हुए सोमवार को आने की बात कही थी।
कैलाश सिंह ने इसकी शिकायत 19 जून को ही मुरादाबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो के कार्यालय में की थी। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाया। सोमवार को कैलाश सिंह सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो एंटी करप्शन टीम के अधिकारी भी पहुंच गए। जैसे ही कैलाश ने लेटर के बदले केमिकल लगे नोट नवीन कुमार को दिए, तुरंत ही एंटी करप्शन टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद ऑपरेटर से पूछताछ भी की।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में खलबली मच गई। टीम आरोपी ऑपरेटर को अपने साथ लेकर चली गई। शिकायतकर्ता कैलाश सिंह ने बताया कि इससे पहले भी वह कई लोगों से वसूली कर चुका था।
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संविदाकर्मियों को आगे कर रहे अधिकारी
शिकायतकर्ता कैलाश ने बताया कि सीएमओ कार्यालय में काफी लोग अपने सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आते हैं। सभी से वसूली की जाती है। अधिकारियों से सांठगांठ के चलते ही वसूली का खेल होता है। अधिकारी सीधे रिश्वत न लेकर संविदाकर्मियों को आगे कर देते हैं। तहसीलों में भी संविदाकर्मियों को रखकर उगाही कराई जा रही है, जिसकी शिकायत लगातार किसान और अन्य लोग करते आ रहे हैं।
कार्यालय में एंटी करप्शन टीम के आने की सूचना मिली थी। मैं दो दिन से बाहर हूं। ज्यादा जानकारी नहीं है। वापस लौटने के बाद मामले को देखकर कार्रवाई की जाएगी। - डाॅ. एसपी सिंह, सीएमओ, रामपुर