नगर के मोहल्ला पुराना बाजार निवासी 10 वर्षीय छात्र पर मंगलवार सुबह आठ बजे मदरसा जाते समय कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। सूचना पाकर परिजन गंभीर रूप से जख्मी छात्र को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
टांडा में पालिका प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा एक बालक को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। नगर के मोहल्ला पुराना बाजार निवासी अमजद अली का पुत्र मोहम्मद हारिस (10) नगर के मोहल्ला मनिहारान में स्थित मदरसे का छात्र था। मोहम्मद हारिस सुबह करीब आठ बजे पढ़ने के लिए अपने घर से दादा मोहम्मद जाफर के साथ निकला था। हारिस को उसके दादा मदरसे के पास सड़क पर छोड़ कर घर लौट गए और हारिस अकेला मदरसा जाने लगा। इसी बीच कुत्तों के झुंड ने हारिस पर हमला कर दिया।
बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर पास में मौजूद आरा मशीन तथा अन्य स्थानों पर काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों के झुंड से उसे बचाया। इसके बाद उन्होंने परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर मौके पर पहुंचे परिजन गंभीर रूप से घायल बच्चे को लेकर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां बालक को प्राथमिक उपचार मिला, लेकिन बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया।
इस पर परिजन उसे लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए, लेकिन हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही बालक ने दम तोड़ दिया। हारिस तीन बहनों के बीच एकलौता भाई था। उधर, एसडीएम डॉ. अभिनीत कुमार ने बताया कि कुत्तों द्वारा बच्चे पर हमला करने तथा उसकी मौत होना बहुत दुखद घटना है। उन्होंने नगर पालिका को आदेश दिए हैं कि वह अभियान चलाकर नगर में मौजूद आवारा कुत्तों को पकड़े और उन्हें जंगल में छुड़वाए।