रामपुर। किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में सपा नेता आजम खां पर बृहस्पतिवार को भी आरोप तय नहीं हो सके। किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में आरोपी अजीम नगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष कुशलवीर सिंह द्वारा इस मामले में डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र दिया गया। कोर्ट ने इस प्रार्थनापत्र की सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तारीख तय कर दी।जौहर यूनिवर्सिटी के लिए 27 किसानों की जमीन को बिना रुपये दिए बैनामा कराने के मामले में वर्ष 2019 में आलियागंज के किसानों ने अजीमनगर थाने में सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डाॅ. तजीन फात्मा, चमरौवा विधायक नसीर अहमद खां, तत्कालीन सीओ आले हसन, तत्कालीन थानाध्यक्ष कुशलवीर सिंह, तत्कालीन डीसीबी के चेयरमैन सलीम कासिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
सुनवाई के दौरान डीसीबी चेयरमैन का निधन हो गया। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। किसानों की जमीन से जुड़े 27 मामलों में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सपा नेता आजम खां सीतापुर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। तत्कालीन थानाध्यक्ष कुशलवीर सिंह ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिस पर अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा।
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तारीख तय की है। वहीं दूसरी ओर यतीमखाना प्रकरण से जुड़े एक मामले में विवेचक अजय कुमार ने कोर्ट में पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने बताया कि आजम खां के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। उनकी गवाही पूरी हो गई है। इस मामले में सपा नेता आजम खां भी आरोपी हैं।