रामपुर। यतीमखाना प्रकरण के तीन मामलों की सुनवाई शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी ने गवाही दी। आजम खां के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब इन मामलों की अगली सुनवाई एक फरवरी को होगी।
2019 में सपा नेता आजम खां, पूर्व सीओ आले हसन, सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल और इस्लाम ठेकेदार समेत 20-25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शहर कोतवाली में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। जिसमें आरोप था कि सपा नेता आजम खां के इशारे पर यतीमखाना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ मारपीट, लूटपाट की गई। साथ ही उनके घरों को भी ध्वस्त कर दिया गया था।इस मामले में ही आजम खां के खिलाफ बकरी चोरी तक के आरोप लगे। हालांकि, इन मामलों में आजम खां की जमानत मंजूर हो चुकी है।
शनिवार को यतीमखाना प्रकरण के तीन मामलों में सुनवाई हुई। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी ने कोर्ट पहुंचकर इन मामलों में अपने बयान दर्ज कराए। आजम खां के अधिवक्ता ने उनसे जिरह की। उनकी गवाही पूरी हो गई है। अब इस मामले में अगली सुनवाई एक फरवरी को होगी।