रामपुर। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में सीडीओ नंद किशोर कलाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय समीक्षा की गयी। प्रसव संख्या में कमी आने के चलते उन्होंने नाराजगी जताई और इसमें सुधार के निर्देश दिए।सरकारी चिकित्सालय में हुए प्रसव के जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों के भुगतान की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि अधिकतम ब्लाॅकों द्वारा शत प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। सरकारी चिकित्सालयों में प्रसव पिछले माह जनवरी 2024 के सापेक्ष माह फरवरी में शाहबाद, बिलासपुर एवं सैदनगर में 497, 393 एवं 63 प्रसव की कमी दर्ज की गयी। जिला महिला चिकित्सालय में माह जनवरी के सापेक्ष माह फरवरी में प्रसव की कमी पाई गई।
इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई। कहा कि समस्त एमओआईसी गोल्डन कार्ड की प्रगति में संतोषजनक सुधार कराएं। सीआरएस पोर्टल पर जन्म पंजीकरण का प्रतिशत भी संतोषजनक पाया गया। ब्लाॅक बिलासपुर के गांव भटपुरा तारन में स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण के लिए बीडीओ को निर्देशित किया गया कि मिट्टी भराव का कार्य मनरेगा से कराएं। इस दौरान टांडा सीएचसी पर हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए सीडीओ ने एक कमेटी का गठन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के कहा।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में ब्लाॅक मिलक का पंजीकरण प्रतिशत अत्यधिक कम पाया गया। जिसमें सुधार के निर्देश दिए। एनबीएसयू में बच्चों के भर्ती की समीक्षा में उन्होंने पाया कि ब्लाॅक शाहबाद द्वारा जनपद में सबसे अधिक बच्चों को भर्ती कर उपचार किया गया है। जिस पर उन्होंने शाहबाद के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके चंदेल की प्रशंसा भी की। इस दौरान सीएमओ डॉ. एसपी सिंह समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।