हादसे में नगर से वापस अपने गांव लौट रहे सिर्रा निवासी दुर्गा प्रसाद (52) उनके पुत्र शिवकुमार और चंचल, नया गांव निवासी रियाजुद्दीन, इस्लाम नगर निवासी नाजिम और नगर निवासी उवैश घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल हुए दुर्गा प्रसाद को परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। इसके बाद यहां से निजी अस्पताल के लिए जाने के दौरान दुर्गाप्रसाद की मौत हो गई। जबकि अन्य घायलों का सीएचसी में प्राथमिक उपचार के अन्य अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। पुलिस ने दुर्गाप्रसाद के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों ने किया हंगामा तो एसडीएम ने समझाया
हादसे में घायल दुर्गा प्रसाद के परिजनों ने चिकित्सकों पर देरी से उपचार शुरू करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा कर दिया। इसके बाद जब निजी चिकित्सक के पास ले जाते समय रास्ते में ही दुर्गाप्रसाद की मौत हो गई तो परिजन उनका शव लेकर दोबारा सीएचसी पर आ गए और सीएचसी के बाहर सड़क पर शव रखकर जाम लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस इस दौरान गुस्साए लोगों ने सीएचसी में कुर्सी-मेज और बेंच भी तोड़ दी।
परिजनों का आरोप था कि जब वो घायल अवस्था में दुर्गाप्रसाद को लेकर सीएचसी आए तो ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इस कारण करीब आधे घंटे बाद वो घायल दुर्गा प्रसाद को नगर के एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे परंतु रास्ते में ही घायल दुर्गाप्रसाद ने दम तोड़ दिया। हंगामे की सूचना पर एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
दुर्गाप्रसाद और अन्य घायल जब सीएचसी पहुंचे तो फार्मासिस्ट ने सभी मरीजों को अटेंड करते हुए हमें फोन पर सूचना दी। सूचना पर हम भी सीएचसी पर पहुंच गए। जब पहुंचा तो दुर्गाप्रसाद के परिजन अन्य लोगों से मशविरा कर घायल को निजी अस्पताल ले जा रहे थे। जिस पर अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया, लापरवाही के आरोप झूठे हैं। -डॉ. पदम सिंह, सीएचसी अधीक्षक