रामपुर। प्रदेश में निकाय चुनाव का एलान नौ अप्रैल को हो गया था। 11 अप्रैल नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्थिति यह है कि शनिवार की शाम तक भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा सहित अन्य दलों ने अपने प्रत्याशियों का एलान नहीं किया था। अगर शनिवार की रात प्रत्याशियों के नाम एलान कुछ दल कर भी देते हैं तो सबसे बड़ी दिक्कत नामांकन दाखिल करने में आएगी। क्योंकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 17 अप्रैल है।
जिले में 11 निकायों के अध्यक्ष के साथ-साथ 231 वार्डों से सभासदों का चुनाव होना है। शनिवार तक सिर्फ आम आदमी पार्टी (आप) ने ही अपने पत्ते खोले हैं। अन्य दल प्रतिद्वंदी पार्टियों की सूची का एलान होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उसके हिसाब से बदलाव कर सके। इस स्थिति में शनिवार की देर शाम तक किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने अपने प्रत्याशियों का एलान नहीं किया है। अगर ऐन वक्त प्रत्याशियों के नाम का एलान भी कर दिया जाता है तो उनके सामने नामांकन की औपचारिकता को पूरा करने के लिए कागजात जुटाने में वक्त लगेगा। रविवार को सरकारी कार्यालय भी बंद रहेंगे। नामांकन को रविवार को भी होगा, लेकिन जिनके कागजात पूरे नहीं होंगे उनके पास सिर्फ सोमवार का वक्त बचेगा। सोमवार को ही सारे विभागों से नो ड्यूज लेना है, शपथपत्र बनवाना होगा। सोमवार को नामांकन दाखिल करने वालों की संख्या अधिक होने की वजह से तहसील परिसर में भी अफरातफरी की स्थिति बन सकती है। ऐसे में अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि भाजपा और सपा के नेताओं का कहना है कि जो भी संभावित प्रत्याशी हैं उनको पहले से तैयार करने के लिए कह दिया गया है। सभी ने अपने स्तर से सा्री औपचारिकता पूरी कर ली है। प्रत्याशियों की सूची जारी करने में देर क्यों हो रही है इस बारे में वो कुछ नहीं बता सकते हैं। क्योंकि प्रत्याशियों की सूची लखनऊ भेजी जा चुकी है। एलान वहीं से होना है।