शाहबाद। भैया नगला स्थित रामगंगा और रझेड़ा नदी पर बनने वाला पुल का निर्माण जल्द शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर मुहर लगा दी है। सीएम की घोषणा के बाद इसे लोक निर्माण विभाग के एजेंडे में शामिल कर लिया गया है। पुल के निर्माण से सवा लाख क्षेत्रवासियों को काफी फायदा होगा, तो वहीं जिला मुख्यालय की दूरी बेहद कम हो जाएगी।
पूर्व में पुल निर्माण की फाइल लखनऊ में एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में चक्कर काट रही थी। ऐसे में 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल की आस भी अधर में ही लटकी हुई थी। जिससे शाहबाद और तहसील सदर क्षेत्र के गांवों की करीब 1.25 लाख आबादी पुल के निर्माण न होने से प्रभावित हो रही थी। भैया नगला में पुल न होने की वजह से सैफनी क्षेत्र के लोगों को रामपुर आने- जाने के लिए करीब 20 से 30 किलोमीटर अधिक सफर तय करना पड़ता है। पुल बन जाने के बाद सैफनी क्षेत्र के गांव सीधे तौर पर जिला मुख्यालय से जुड़ जाएंगे। साथ ही रामपुर व आसपास क्षेत्र के लोगों के लिए बिलारी जाना भी आसान हो जाएगा। जिससे बिलारी, चंदौसी व अलीगढ़ जाने के लिए दूरी भी कम हो जाएगी। सेतु निगम की ओर से रामगंगा और रझेड़ा नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। शासन ने प्रोजेक्ट को तीन साल पहले मंजूरी दे दी थी। सूत्रों की माने तो विभाग की ओर से 35 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण होगा। फिलहाल क्षेत्रीय लोगों को अभी रामपुर से सैफनी जाने के लिए शाहबाद होकर जाना पड़ता है। जिससे सैफनी क्षेत्र के लोगों को करीब 45 से 55 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। जबकि आने का भी यही रास्ता है। इसके अलावा मुरादाबाद के कुछ सीमावर्ती गांवों के लोग भी पुल न बनने से काफी परेशान है। उन्हें खेतों पर आने जाने में दिक्कतें होती हैं। चार सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामपुर आए थे। उन्होंने जो घोषणाएं कीं उसमें भैया नगला का पुल भी शामिल है। कुछ दिन पूर्व रामगंगा और रझेड़ा नदी में बाढ़ का अधिक पानी आ जाने के कारण अस्थाई पुल बह गया था। जिस कारण ग्रामीणों को अब आवागमन में दिक्कत हो रही है। अगर यह पुल जल्द बन जाता है तो ग्रामीणों को बड़ी समस्या से निजात मिलेगी