रामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के ढाई हजार लाभार्थियों की दूसरी और तीसरी किस्त फंस गई है। विभागीय अफसर बताते हैं कि फंड न होने की वजह से ये किस्तें जारी नहीं हो सकी हैं। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी कुछ दिनों में किस्त जारी हो सकती है। किस्त न मिलने की वजह से लोगों के मकान अधूरे पड़े हैं।
केंद्र सरकार की ओर से गरीबों को आवास दिलाने की मंशा से प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। जिसमें शहरी आवासों का निर्माण डूडा की देखरेख में होता है। इसके तहत गरीबों को अपने आवास बनाने के लिए तीन किस्तों में ढाई-ढाई लाख रुपये मिलते हैं। पहली किस्त पचास हजार रुपये, जबकि दूसरी किस्त डेढ़ लाख रुपये की होती है। तीसरी किस्त के रूप में पचास हजार रुपये दिए जाते हैं। तीनों किस्तें निर्माण स्थिति के बाद जारी की जाती हैं। रामपुर की बात की जाए तो ढाई हजार से अधिक लाभार्थियों की दूसरी और तीसरी किस्त जारी नहीं हो सकी है। जिस कारण लोगों के मकान अधूरे पड़े हैं। परियोजना अधिकारी नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) राजेश कुमार ने बताया कि करीब छह सौ लाभार्थियों की दूसरी किस्त और दो हजार लोगों की तीसरी किस्त अभी जाना शेष है। इसकी वजह यह है कि योजना के तहत बजट का आवंटन नहीं हो रहा है। उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में ये किस्तें जारी हो सकती हैं।