रामपुर। गो सेवा गोपाल सेवा समिति की ओर से आदर्श धर्मशाला मे आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में पंडित कन्हैया लाल शर्मा ने शिशुपाल वध के प्रसंग का वर्णन किया। कहा कि
भगवान श्री कृष्ण ने शिशुपाल की 100 गलतियों को क्षमा किया परंतु शिशुपाल के न मानने के कारण भगवान को उसका संहार करना पड़ा। व्यास जी महाराज ने सुदामा चरित्र का बड़ा ही मार्मिक वर्णन किया। कहा कि पत्नी के कहने पर सुदामा अपने परम मित्र श्री कृष्ण से भेंट करने द्वारिका पहुंचे। मित्र के आने का समाचार पाकर भगवान नंगे पांव ही आगे चले आए और मित्र की दशा देखकर श्री कृष्ण की आंखों में आंसूू आ गए। प्रभु ने अपने अश्रुओं से ही सुदामा के चरण पखारे । दो मुट्ठी चावल खाकर श्री कृष्ण ने अपना सारा वैभव सुदामा को प्रदान कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे हैं। कलयुग में प्रभु नाम स्मरण ही कल्याण का आधार है। इस मौके पर संतोष कुमार शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, निक्कू पंडित, नरेश शर्मा, नवनीत शर्मा, हरि बहादुर सक्सेना, विनोद शर्मा, गोविंद शर्मा, मुनीश शर्मा, रामोतार शर्मा, कृष्ण गोपाल श्रीवास्तव, वीर सिंह, कुमकुम शर्मा और विनीत शर्मा सहित अन्य कई श्रद्धालु मौजूद रहे।