रामपुर। महिलाओं आत्मविश्वास के साथ खुद का उदाहरण स्थापित कर ऐसी सफलता हासिल करें कि दूसरी महिलाएं भी उनसे प्रेरित हो सकें।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता अभियान के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने सामाजिक चुनौतियों और सरकार के प्रयासों के बारे में चर्चा की। कहा कि महिलाओं का सशक्तीकरण हुआ है।
सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में बुधवार को लॉयनेस क्लब, लियो गर्ल्स क्लब और लॉयनेस ग्रेटर क्लब की पदाधिकारी व सदस्यों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर लॉयनेस ग्रेटर क्लब की अध्यक्ष मेघा अग्रवाल ने देश की उन्नति में महिलाओं की भागीदारी के बारे में बताया। कहा कि महिलाओं को सफल बनने के लिए कौशल विकास पर जोर देना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने काफी कदम उठाए हैं, लेकिन महिलाओं को भी अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए खुद को तैयार करना होगा। लियो गर्ल्स क्लब की कोषाध्यक्ष श्वेता मांगलिक ने कहा कि महिलाओं के समक्ष सबसे बड़ी दिक्कत बाजारों में आती है, जहां शहर के तमाम स्थानों पर शौचालय आदि नहीं है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना होगा। उन्होंने महिलाओं को मिशन शक्ति, 1090 हेल्पलाइन के बारे में भी बताया। सुषमा अग्रवाल ने कहा कि बीते समय में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिहाज से काफी काम हुआ है। आज महिलाओं को देश की राष्ट्रपति से सीख लेनी चाहिए, जिन्होंने तमाम विपरीत परिस्थितियों का सामना कर देश का सर्वोच्च पद हासिल किया। इसमें शिक्षा अहम है। अनीता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को यह इंतजार नहीं करना चाहिए कि सरकार उनके लिए कदम कब उठाएगी, बल्कि खुद को इतना सशक्त बनाने पर जोर देना चाहिए कि वो खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने पर भी जोर दिया। 1090, एंटी रोमियो आदि के बारे में जानकारी दी। विनिता सिंह ने कहा कि इस सरकार में काफी कुछ बदलाव हुए हैं। खासकर, महिलाएं आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं। लेकिन, अब भी महिलाओं के समक्ष तमाम चुनौतियां हैं। सरकार को चाहिए कि महिलाओं के लिए ऐसे इंतजाम जरूर किए जाएं, जिनसे महिलाओं का कौशल विकास हो और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस मौके पर वीरांगना मांगलिक, शिखा सिंह, प्रिया रस्तोगी, जीतू सिड़ाना, मोनो साहनी, साक्षी अरोड़ा, विभा मांगलिक, निर्मल कौर, सतनाम चावला, स्वाति, आशा भांडा, रेनू सक्सेना आदि मौजूद रहीं।