रामपुर। जिला कारागार की फांसीघर की जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी कर खरीद फरोख्त करने आरोप में दर्ज मुकदमे के 11 आरोपियों की जमानत सेशन कोर्ट ने मंजूर कर ली है। इन सभी ने 15 मार्च को कोर्ट में आत्मसर्मपण किया था।
गंज थाना की पुलिस ने 19 सितंबर 2019 को नायब तहसीलदार कृष्ण गोपाल मिश्रा की तहरीर के आधार पर आजम खां के बड़े पुत्र अदीब आजम सहित 37 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मुकदमे में बाद में आजम खां को भी 120-बी (अपराधिक षड़यंत्र रचने) का आरोपी बनाया गया था। आजम खां इस मुकदमे में जमानत पर चल रहे हैं। विवेचना के बाद पुलिस ने इस मामले में आजम खां सहित 28 के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इस मुकदमे के पांच आरोपियों की मौत हो चुकी है, जिनका नाम निकाल दिया गया है।
15 मार्च को एमपी-एमएलए कोर्ट (मजिस्ट्रेट) में इस मुकदमे के आरोपी परवीन, जाने आलम, सलीम खां, कैसर जहां, शहाना परवीन, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद रिजवान, नूरजहां, मोहम्मद मोईन, हजारा बेगम और नसीम जहां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आत्मसर्पण कर दिया था। सभी की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र दाखिल किया गया था। कोर्ट ने जमानत की अर्जी पर सुनवाई के लिए 17 मार्च की तिथि निर्धारित करते हुए सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया था। शुक्रवार (17 मार्च ) को एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी। सभी 11 आरोपियों ने अपने अधिवक्ता नासिर सुल्तान के माध्यम से सेशन कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने सभी 11 आरोपियों की जमानत की अर्जी मंजूर कर ली।