मिलक (रामपुर)। जिला बदायूं से काम करने अंबाला जा रहे 27 वर्षीय राजीव की हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस से गिरकर मौत हो गई। साथ जा रहे बड़े भाई के साले ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रुकवाया और 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को बुलाया। राहगीरों व एंबुलेंस की मदद से उसे नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुर भेज दिया।
जिला बदायूं के ग्राम गूदरा गंज, बुटला दौलत, थाना उझानी निवासी राजीव 27 वर्षीय अपने भाई के दो सालों के साथ बदायूं से अंबाला काम करने जा रहा था। राजीव के भाई के साले धर्मवीर ने बताया कि राजीव ट्रेन के गेट पर बैठा हुआ था। बुधवार की रात करीब 11 बजे ग्राम क्योरार और मिलक के बीच नींद आने के कारण वह ट्रेन से गिर गया। गिरने के बाद ट्रेन में बैठे यात्रियों में खलबली मच गई। धर्मवीर ने चेन खींचकर ट्रेन को रुकवाया और भागते हुए घटना स्थल पर पहुंचा। घायल अवस्था में पड़े राजीव को उठाकर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां डॉक्टर ने राजीव को मृत घोषित कर दिया। धर्मवीर हरियाणा के अंबाला में एक फैक्टरी में मजदूरी करता है। राजीव भी उसके साथ काम करता था। अपने घर बदायूं से अंबाला के लिए काम पर लौट रहे थे। मृतक की मां का कई वर्ष पूर्व निधन हो गया था। मृतक चार बहन भाई हैं, इस हादसे के बाद परिजनों को सूचना दी तो वे सदमे में आ गए। बृहस्पतिवार को परिजन शव को लेने रामपुर के लिए निकल गए। वहीं कोतवाल अनुपम शर्मा ने बताया कि ट्रेन से गिरकर युवक की मौत हो गई है। शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए रामपुर भेज दिया गया। परिजनों को मामले की सूचना दे दी, वो रामपुर के लिए रवाना हो गए।
सिपाही भर्ती परीक्षा देने आया था राजीव
मृतक राजीव के भाई के साले धर्मवीर जो कि उनके साथ ट्रेन में था, उसने बताया कि राजीव 17 फरवरी को अपने घर बदायूं आया था, क्योंकि 18 फरवरी को उसे सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होना था और उसने परीक्षा भी दी थी। उसे उम्मीद थी कि उसका चयन हो जाएगा। परिजन उसकी शादी के लिए भी रिश्ता देख रहे थे। इसी वर्ष उसकी शादी करने की प्लानिंग थी। वह काफी लंबे समय से हरियाणा के अंबाला में रहकर एक फैक्टरी में मजदूरी करता था। मृतक ने काफी संघर्ष करने के बाद सिपाही परीक्षा दी थी। सभी परिजनों का यह मानना था कि राजीव का चयन पुलिस में हो जाएगा, परंतु इस हादसे के दौरान परिजनों के सपनों पर पानी फिर गया।