इसको लेकर आजम खां ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पहले तो एकतरफा पैमाइश की गई। आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों ने अधिकारियों के पास जाने की कोशिश की तो मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। हम भी अपने दफ्तर से बाहर नहीं आ सके। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के दस दिन बाद भी तार नहीं हट सके हैं। जब सुप्रीम कोर्ट का ये सम्मान है तो क्या करेंगे। हम यह मामला भी सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे।
जौहर यूनिवर्सिटी में 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद शत्रु संपत्ति की जमीन से तारबंदी हटाने का काम शुरू कर दिया गया था, लेकिन बारिश की वजह से कामकाज प्रभावित हो गया। आने वाले दिनों में बाकी तारबंदी भी हटा दी जाएगी। -मनीष मीणा, उपजिलाधिकारी सदर व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रामपुर