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आजम का छलका दर्द: कहा- जौहर विवि. में तारबंदी हटाने में बरती जा रही है ढिलाई, सुप्रीम कोर्ट ले जाएंगे मामला

Sat, 30 Jul 2022 08:50 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर

सार

हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जौहर विवि में करीब 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति की भूमि पर तारबंदी कर दी थी। जमीन पर बनीं दो इमारतों को सील कर दिया गया था। हाईकोर्ट के फैसले को आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को प्रशासन को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन कब्जा मुक्त करने और तारबंदी हटाने के आदेश दिए थे।
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सपा नेता आजम खां - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर में प्रशासन की ओर से की गई तारबंदी को हटाए जाने की धीमी रफ्तार पर सपा नेता आजम खां ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दस दिन होने को आ गए, लेकिन अब तक न के बराबर तार हटाए गए हैं। जबकि, सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत तार हटाने के आदेश दिए थे। कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ही पालन नहीं हो रहा तो फिर कहां कानून रह जाता है। हम इस प्रकरण को भी सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे।

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जौहर विवि में करीब 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति की भूमि पर तारबंदी कर दी थी। जमीन पर बनीं दो इमारतों को सील कर दिया गया था। हाईकोर्ट के फैसले को आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को प्रशासन को जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन कब्जा मुक्त करने और तारबंदी हटाने के आदेश दिए थे। जिस पर तहसील प्रशासन ने 28 जुलाई को दो सील इमारतें कब्जा मुक्त कीं और शुक्रवार को तार हटाए। शनिवार को भी तार हटाने का काम जारी रहा, लेकिन बारिश की वजह से काम ज्यादा नहीं हो सका।

इसको लेकर आजम खां ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पहले तो एकतरफा पैमाइश की गई। आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों ने अधिकारियों के पास जाने की कोशिश की तो मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। हम भी अपने दफ्तर से बाहर नहीं आ सके। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के दस दिन बाद भी तार नहीं हट सके हैं। जब सुप्रीम कोर्ट का ये सम्मान है तो क्या करेंगे। हम यह मामला भी सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएंगे।
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जौहर यूनिवर्सिटी में 13.842 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद शत्रु संपत्ति की जमीन से तारबंदी हटाने का काम शुरू कर दिया गया था, लेकिन बारिश की वजह से कामकाज प्रभावित हो गया। आने वाले दिनों में बाकी तारबंदी भी हटा दी जाएगी।  -मनीष मीणा, उपजिलाधिकारी सदर व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रामपुर
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