2022 का विधानसभा चुनाव जीतने के बाद स्वार के सपा विधायक अब्दुल्ला आजम को तीन करोड़ की विधायक निधि मिली थी। इसको लेकर अब्दुल्ला आजम ने दो बार में प्रस्ताव भेजे थे। पहली बार में 17 जनवरी को और उसके बाद फरवरी माह में संशोधित प्रस्ताव दिया था। इस बीच मुरादाबाद कोर्ट ने उनको छजलैट प्रकरण के मुकदमे में दो साल की सजा सुना दी। इसके बाद अब्दुल्ला की विधायकी रद्द कर दी गई है। विधायकी जाने के बाद उनकी विधायक निधि रोक दी गई है।
उन्होंने 17 जनवरी को करीब 2.50 करोड़ रुपये के 93 कार्यों के प्रस्ताव दिए थे। कुछ दिन बाद उन्होंने इन प्रस्तावों में संशोधन कराने के लिए फाइल को रोकने के लिए कहा था, इसके बाद दोबारा 10 फरवरी को उन्होंने 73 कार्यों के लिए प्रस्ताव दिए थे। संशोधित प्रस्ताव कुछ दिन बाद कार्यदायी संस्था को एस्टीमेट तैयार करने के लिए दिए जाने थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इससे पहले ही उनको सजा हो गई। जिससे स्वत: ही डेढ़-डेढ़ करोड़ की धनराशि निधि के खाते में चली गई है। वहीं उनके प्रस्ताव भी रोक दिए गए हैं।