ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चे की मौत के लिए विद्युत निगम के कर्मचारी जिम्मेदार हैं। बार-बार कहने के बावजूद लटके तारों को दुरुस्त नहीं किया गया। इसके अलावा एक पोल से दूसरे पोल के बीच सौ मीटर से अधिक दूरी के कारण तार खतरनाक ढंग से लटक रहे हैं। पीड़ित के गेट के ऊपर लटका हुआ बिजली का तार रख देने से ही यह हादसा हुआ है। उधर, उपखंड अधिकारी विद्युत भगवंत सिंह का कहना है कि पठानों वाला मझरा में करंट की चपेट में आने से बच्चे की मौत की जानकारी मिली है। एलटी लाइन के करंट से बच्चे की मौत से इनकार किया है।