रामपुर। तंत्रमंत्र के फेर में बालक को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतारने के मामले में कोर्ट ने तांत्रिक दंपति को उम्रकैद और जुर्माना की सजा सुनाई है।
दिल दहला देने वाली यह वारदात मिलक कोतवाली क्षेत्र के कृपिया पांडे गांव की है। पड़ोसी गांव गंगापुर शर्की गांव निवासी टीकाराम का बेटा बीमार था। वह दादी हुलासो देवी के साथ रहता था। दादी अपने पोते अमित को इलाज के लिए लेकर कृपिया पांडे गांव गई थी। उसे पता चला था यहां राकेश के घर देवी का दरबार लगता है। उसकी पत्नी सुषमा खुद को देवी का स्वरूप बताकर इलाज करती है। यहां तांत्रिक राकेश और सुषमा ने अमित को कुंटे से उलटा लटका दिया। गर्म राड से उसे दागा। खौलता हुआ तेल भी उसके ऊपर डाल दिया, जिससे अमित की मौत हो गई। घटना के बाद भी तांत्रिक अमित को जिंदा करने का भरोसा देता रहा। गांव के लोग नहीं माने और मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और तांत्रिक, उसकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए दोनों को जेल भेज दिया था। चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता दलविंदर सिंह ने मृतक के पिता टीकाराम समेत सात गवाह पेश किए। अधिकतर गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बाद भी अपर जिला जज तृतीय नरेंद्र सिंह ने तांत्रिक राकेश और उसकी पत्नी सुषमा को दोषी मानते हुए उम्रकैद और दस-दस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।