रामपुर। एक तरफ जहां वोट डालने का जोश दिखाई दिया वहीं, मुसलिम ख्वातीन तरक्की और हिफाजत को लेकर फिकभनमंद दिखाई दीं। ढेरों उम्मीदों के साथ वोट दिया। महंगाई और तालीम पर भी खुलकर बोलीं। उनकी नजर में फतवे और फरमान के कोई मायने नहीं हैं बल्कि, उन्हें बुनियादी सहूलियतों की दरकार है। मुसलिम ख्वातीन तरक्की और हिफाजत की फिक्र लिए वोट डालने बूथों तक पहुंची। उन्होंने ढेर सारी उम्मीदों के साथ वोट डाला। महंगाई और तालीम पर भी खुलकर बोलीं। महिला डिग्री कालेज केंद्र पर वोट डालने आईं मरियम, मुसर्रत और महबश का कहना था कि महिलाओं की हिफाजत का मसला सबसे अहम है। माहौल में ऐसा बिगाड़ आ रहा है कि जब जवान बेटी घर से बाहर जाती है तो उनके मां-बाप फिक्रमंद हो जाते हैं। उनका कहना है कि जो भी एमपी बने महिलाओं की तरक्की की भी सोच रखे। चूंकि महंगाई के दौर में महिलाओं को भी नौकरी और रोजगार चाहिए। राजद्वारा की रुखसाना, थाना कुंडा की बुशरा, गुइया तालाब की हुमेरा, दोमहला रोड की तूबा नफीस में भी वोट डालने का जज्बा दिखाई दिया। उनका कहना था कि महंगाई पर कंट्रोल होना चाहिए। हर लड़की को बेहतर तालीम मिले। पक्का बाग की तरन्नुम और महजबीं कहती हैं कि बेहतर जिंदगी जीने के लिए बुनियादी सहूलियतें बहुत जरूरी हैं। पानी और बिजली के लिए परेशान नहीं होना पड़े। चाह मोटे कल्लन की नाजिश, रफत कालोनी की नाजिश, फरहा कहती हैं कि फतवा और फरमान पर नहीं बेहतर मुस्तकबिल की उम्मीद को लेकर वोट दिया। तालीम और रोजगार वक्त का तकाजा है। उनका कहना है कि महंगाई ने सभी को मुश्किल में डाल दिया है, इसलिए जो भी सरकार बने महंगाई को रोके।