फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम के बेटे में दिखी पिता की झलक

Sun, 13 Apr 2014 05:32 AM IST
Rampur
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू के शब्दों के साथ शायरी का दामन। डाइस को थपथपाकर जोशीले अंदाज से समर्थकों में जोश फूंकने की कोशिश। कुछ ऐसे ही अंदाज में सूबे के कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां के छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम ने अपने महज पांच मिनट के भाषण से राजनीतिक पारी की शुरुआत की। भड़काऊ बयान के बाद आचार संहिता के उल्लंघन में चुनाव आयोग ने सूबे के कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां की जनसभा, रैली और जनसंपर्क पर रोक लगा दी है। शनिवार को टांडा में सपा प्रत्याशी नसीर अहमद खां के समर्थन में प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। सपा सरकार बनने के बाद सपा के राजनीतिक मंच पर ऐसा पहली बार हुआ जब अखिलेश के साथ मोहम्मद आजम खां नहीं थे। मोहम्मद आजम खां की कमी को पूरा करने और उनकी विरासत को संभालने के लिए उनके छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम खां ने मंच पर उपस्थिति दर्ज कराई। जनता के नाम अपने पिता का संदेश लेकर पहुंचे अब्दुल्ला आजम खां ने पहली ही जनसभा में अपने आने वाले राजनीतिक भविष्य की ओर इशारा कर दिया। पांच मिनट की तकरीर में अब्दुल्ला ने भाजपा पर रिश्तों में कड़वाहट घोलने और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए देश की आजादी से लेकर तरक्की तक में मुसलमानों के योगदान को गिनाया। सोशल साइट्स पर अपने पिता आजम खां के बारे में की गई पोस्ट पर कहा कि वे सीएम से अनुरोध करते हैं कि इसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। अब्दुल्ला ने अपनी तकरीर को इस शेर के साथ पूरा किया कि उसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है, जो जिंदा है उसे जिंदा आना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें