रामपुर। मनरेगा के सत्यापन में घपला पकड़ में आ रहा है। बूढ़ी दढ़ियाल में वृक्षारोपण के नाम पर कागजी खेल खेला गया। कागजों में वृक्षारोपण दर्शाकर लाखों रुपये का भुगतान कर दिया। सत्यापन टीम ने प्रधान और कर्मचारियों से रिकवरी की संस्तुति की है। अधिकारियों को सीबीआई का डर सता रहा है। इससे पहले मनरेगा का सत्यापन कराने का फैसला लिया है। पहले राउंड में स्वार के सभी गांवों का सत्यापन कराया जाएगा। प्रोजेक्ट मैनेजर सघन मिनी डेयरी एके शर्मा और पीडब्लूडी के अवर अभियंता मंजीत कुमार ने शिवनगर लोहर्रा, दूंदावाला, अलीनगर, जागीर, मिलक दुंदी, जामिनगंज, बूढ़ी दढ़ियाल मोहब्बतनगर का सत्यापन किया है। इसमें तमाम कमियां पाई गईं। सत्यापन रिपोर्ट में कहा है कि बूढ़ी दढ़ियाल में कहीं भी वृक्षारोपण नहीं किया गया है। कागजों में वृक्षारोपण दर्शाकर लाखों का भुगतान कर लिया। टीम ने प्रधान और कर्मचारियों से रिकवरी की संस्तुति की है। सहायक निदेशक मत्स्य राजेंद्र सिंह विष्ट और पीडब्लूडी के अवर अभियंता ने कुम्हरिया, बमना, रतनपुरा, माटखेड़ा, शहजादनगर, बगी का सत्यापन किया है। इस दौरान किसी भी गांव में डिस्प्ले बोर्ड नहीं लगा पाया। कई कार्यों का बिना एमबी के भुगतान निकाल लिया।