रामपुर। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि तंबाकू का सेवन करना जिंदगी से खिलवाड़ करने जैसा है। ऐसे में लोग इसे छोड़ दें। उन्होंने तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय योगदान करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, विद्यालय, कार्यालय आदि परिसरों को धूम्रपानरहित करने, जागरूकता लाने, प्रशिक्षण प्रदान करने और सचल दल द्वारा जुर्माना लगाने सहित विभिन्न कार्रवाई की गई थी। इसकी समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि वह धूम्रपान एवं तंबाकू सहित अन्य मादक पदार्थों के सेवन से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता लाने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। लोगों को बताएं कि धूम्रपान और तंबाकू से व्यक्ति के फेफड़े, हृदय, लीवर सहित विभिन्न आंतरिक अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। विद्यालयों में भी बच्चों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय तंबाकू नियंत्रण अधिनियम के तहत अस्पताल परिसर, स्वास्थ्य संस्थाएं, कार्यालय आदि स्थलों पर धूम्रपान पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसलिए सचल दल इन स्थलों पर कड़ी निगरानी रखें। धूम्रपान करने लोगों पर जुर्माना लगाएं। जिलाधिकारी ने यलो लाइन कैंपेन के तहत विभिन्न कार्यालय परिसरों को तंबाकू मुक्त परिक्षेत्र घोषित होने की दिशा में सराहनीय कार्य करने वाले 24 अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृृति चिन्ह प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शिवेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुबोध कुमार शर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन उमेश कुमार मंगला, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम भरत तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।