लोकतंत्र के महापर्व में शुक्रवार को 356 में से 316 दिव्यांगों और बुजुर्गों ने मतदान कर अपनी जिम्मेदारी को निभाया। दिव्यांगों और बुर्जुगों के घर पहुंची टीमों ने उनको मतपत्र दिया, जिस पर उन्होंने मुहर लगाकर मतपत्र मतपेटी में डाल दिया। वोट डालकर बुजुर्ग और दिव्यांगों के चेहरे खिल उठे।
40 मतदाताओं का वोट डलवाने के लिए शनिवार को चार टीमें फिर रवाना होंगी। चुनाव आयोग ने 85 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं के साथ ही 40 फीसदी से अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही मतदान कराने की सुविधा दी है।
इसके लिए आयोग ने वोट डालने के इच्छुक मतदाताओं से फार्म भरने के लिए कहा था। आयोग के आदेश के बाद जिले में चिह्नित किए गए दिव्यांगों और 85 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले मतदाताओं के फार्म भरवाए गए थे। इसमें 356 मतदाताओं ने घर से वोट डालने की इच्छा जताई थी।
शुक्रवार को जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में चिह्नित किए गए मतदाताओं के घर टीमें पहुंचीं। टीमों ने शाहबाद, बिलासपुर, सदर समेत अन्य तहसील के इलाकों में पहुंचकर मतदान कराया। टीम को अपने घर पर देखकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के चेहरे खिल गए।
इन कर्मियों ने इनको मतपत्र दिए, जिसके बाद मतदाताओं ने मतपत्र पर मुहर लगाकर मतपत्र वापस पेटी में डाल दिए। इन मतपत्रों को मतपेटिका में डालकर उनको सील कर दिया गया। देर शाम तक सभी टीमें वापस लौट आईं। दिनभर में 316 बुजुर्गों और दिव्यांगों ने मतदान किया।
मतदान प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि 356 वोटरों में से 316 मतदाताओं ने शुक्रवार को मतदान किया है। अभी चालीस लोगों का मतदान रह गया है। इनका मतदान शनिवार को कराया जाएगा। इसके लिए चार टीमें गठित कर दी गई हैं।
मतदान के दौरान कराई गई वीडियोग्राफी
बुजुर्गों और दिव्यांगों के मतदान कराते समय वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस दौरान मतदान कर्मियों के साथ मौजूद पुलिस बल भी मौजूद रहा।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं का मतदान शुक्रवार को कराया गया। 40 मतदाता शेष रह गए हैं। ये लोग घर पर नहीं मिले थे। इनका मतदान शनिवार को कराया जाएगा। इसके लिए चार टीमें रवाना की जाएंगी। -जोगिंदर सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी