नेरवा (शिमला)। बीते विस चुनाव में चौपाल से भाजपा प्रत्याशी रह चुकी सीमा मेहता ने नेरवा से शिमला ले जाते समय एक गर्भवती महिला की मौत के लिए सरकार और चौपाल के कांग्रेस नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। मेहता ने कहा कि यदि अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं होतीं तो यह गर्भवती महिला अकाल मौत का शिकार न बनती। गौरतलब है कि बुधवार को थरोच निवासी एक गर्भवती महिला पूनम की शिमला ले जाते रास्ते में मौत हो गई थी। मेहता ने कहा कि मुख्यमंत्री झूठी घोषणाएं करने में जुटे हैं, जबकि चौपाल में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। अस्पतालों में न तो चिकित्सक हैं और न ही आवश्यक सुविधाएं। केंद्र सरकार की ओर से संचालित 108 एंबुलेंस सेवा का लाभ जरूरतमंदों को जरूरत के हिसाब से नहीं 108 के कर्मचारियों की मर्जी के हिसाब से मिल रहा है। आम जनता की आवाज सत्तासीन सरकार के कानों तक नहीं पहुंच रही। चौपाल कांग्रेस नेतृत्व भी जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने में असफल रहा है। चौपाल, नेरवा और कुपवी के अस्पतालों में चिकित्सकों के आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हुए हैं। अस्पतालों में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड तक की सुविधाएं नहीं है। छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी मरीजों को शिमला रेफर किया जा रहा है और गंभीर बीमारियों से कई मरीज बीच रास्ते ही दम तोड़ रहे हैं। मेहता ने कहा कि उपमंडल के अस्पतालों के प्रति सरकार की इस अनदेखी के चलते आम जनता में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है और आने वाले विस चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।