रामपुर। विवाहिता की हत्या में कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए 10 वर्ष का कारावास और 6 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में ससुर और देवर को बरी कर दिया है।
मामला बिलासपुर थाना क्षेत्र के गांव दुर्जनपुर देवापुर का है। गांव निवासी मूलचंद की शादी घटना से 4 वर्ष पूर्व भारत सिंह की पुत्री सीमा निवासी ग्राम बकनौरी थाना शहजादनगर जिला रामपुर के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन के बाद ही ससुरालवाले उसकी पुत्री सीमा से दहेज में 5 लाख रुपये और बुलेट मोटरसाईिकल की मांग करने लगे। न देने पर ससुराल वालों ने सात जून 2020 की गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना की रिपोर्ट सीमा के पिता भारत सिंह ने मूलचंद सहित 3 लोगों के खिलाफ बिलासपुर कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई एफटीसी द्वितीय वीरेश चंद्रा की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से वादी मुकदमा भारत सिंह सहित 8 गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है। लिहाजा आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मूलचंद को दोषी मानते हुए 10 वर्ष का कारावास और 6 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में ससुर होतेलाल और देवर जयप्रकाश को बरी कर दिया है।