रामपुर। कोर्ट ने किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोपी को दोषी मानते हुए दस साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
मामला शहजादनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 28 अप्रैल 2019 को गांव निवासी एक ग्रामीण की पुत्री का युवक ने अपहरण कर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे दिया। जिसके बाद किशोरी के पिता ने नामजद युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। बृहस्पतिवार को इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट नीलू मोघा की कोर्ट में हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा और वादी के अधिवक्ता लालता प्रसाद ने वादी मुकदमा सहित सात गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि गवाहों के बयानों में काफी विरोधाभास है और अभियोजन पक्ष अपना केस साबित करने में पूर्णतया असफल रहा है। लिहाजा, आरोपी को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी त्रिलोकी को दोषी मानते हुए दस वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।