बछरावां (रायबरेली)। कोतवाली पुलिस ने रविवार की रात तथाकथित अपह्त डी-फार्मा छात्रा को अमेठी जिले के गौरीगंज से बरामद कर लिया। पुलिस की जांच में पाया गया कि दोस्त के साथ मिलकर खुद छात्र ने अपने अपहरण की साजिश रची थी। उसे ऑनलाइन लॉटरी खेलने के लिए पैसे चाहिए थे। उसने अपने मोबाइल फोन के दूसरे सिम से ही पिता को दोस्त से फोन कराया था। इस सिम के बारे में उसने अपने घरवालों से नहीं बताया था। पुलिस छात्र से पूरे घटनाक्रम की जानकारी कर रही है। साथ ही उसके फरार दोस्त की तलाश में जुटी है।
बछरावां कस्बे के कूटी मोहल्ला निवासी रामफेर लखनऊ अलीगंज इलाके में जल निगम विभाग में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं। उनका बड़ा बेटा विवेक कुमार (20) लखनऊ जिले के बिंदौवा मोहनलालगंज स्थित तिरुपति कॉलेज में डी-फार्मा प्रथम वर्ष का छात्र है। शनिवार की देर शाम विवेक अपने छोटे भाई वरुण, चचेरे भाई अरविंद और कस्बे के थाने के पीछे निवासी दोस्त चित्रांश अवस्थी के साथ बांदा-बहराइच राजमार्ग स्थित ओवरब्रिज के ऊपर टहहने के लिए गया था।
छोटा भाई वरुण समेत अन्य लोग घर वापस लौट आए थे, लेकिन विवेक घर नहीं लौटा था। देर रात तक घर विवेक नहीं पहुंचा था। पिता रामफेर के मोबाइल पर रात 11 बजे फोन करके दो लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। फोन करने वाले ने धमकी दी थी कि यदि पैसा नहीं दिया तो बेटे से हाथ धोना पड़ेगा। पिता की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि कोतवाल जगदीश यादव ने पुलिस टीम के साथ छात्र विवेक कुमार को गौरीगंज से बरामद कर लिया है। छात्र ने खुद दोस्त के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची थी। पता चला है कि वह ऑनलाइन लॉटरी खेलता था। उसे पैसों की जरूरत थी। इसलिए उसने खुद के अपहरण की साजिश रची और दोस्त से फोन कराकर पिता से रंगदारी मंगवाई। उसने दूूसरा सिम ले रखा था, जिसके बारे में उसने किसी से नहीं बताया था। छात्र के दोस्त के बारे में पता लगाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि छात्र के अपहरण की सूचना पर पिता बहुत घबरा गए थे। उन्होंने लखनऊ से वाराणसी जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पर सवार किसी व्यक्ति को फिरौती के रूप में एक लाख 70 हजार रुपये भी दे दिए। इसकी पुुलिस जांच कर रही है, लेकिन इस बाबत कुछ बोल नहीं रही है। छात्र के पिता रामफेर का कहना है कि उन्होंने किसी को फिरौती के रूप में कोई पैसा नहीं दिया है।