बेमौसम बूंदाबांदी और हवा से शनिवार को रबी की फसल को नुकसान हुआ। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जहां धराशायी हो गई है। वहीं सरसों की फसल को काफी क्षति हुई। मौसम का मिजाज बिगड़ता जा रहा है। ऐसे में किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है।
अब यदि तेज बारिश हो गई तो पानी भरने से गेहूं और खेतों में कटी पड़ी चना व सरसों की फसल के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो जाएगा। वैसे भी मार्च महीने में बारिश से कई बार फसलों को नुकसान हो चुका है। अब बारिश से इसलिए अधिक नुकसान है, क्योंकि अधिकतर फसलें पक चुकी हैं और उनकी कटाई होनी है।
किसान इस बार रबी की फसल से अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद संजोए हुए थे। लेकिन आए दिन बारिश, हवा उनके मंसूबों पर पानी फेर रही है। शनिवार सुबह तेज हवा चलने के साथ बूंदाबांदी हुई। इससे जिले के राही, डीह, परशदेपुर, सतांव, सलोन, बछरावां, हरचंदपुर, महराजगंज, जगतपुर, ऊंचाहार आदि क्षेत्रों में किसानों की गेहूं की फसल खेतों में गिर गई।
जिले के तीन लाख 85 हजार किसानों ने एक लाख 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर गेहूं की फसल की बोआई की है। कुछ किसानों ने चना व सरसों की फसल की कटाई करके खेत में छोड़ दिया, जिससे वह भीग गई। यदि तेज बारिश हो गई तो फसल सड़ जाएगी।
आए दिन हो रही बारिश, आंधी से किसान टूटता जा रहा है। उनके चेहरे पर मायूसी है। यही चिंता सता रही है कि वर्ष 2015 की तरह कहीं इस बार भी उनकी फसल कुदरत की मार से न खराब हो जाए।
हवा, बूंदाबांदी की वजह से जिले में 15 फीसदी फसल के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। सरसों, गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों का भी मानना है कि फसलों को नुकसान तो हुआ है, लेकिन कितना नुकसान हुआ है, इसका पता सर्वे कराने के बाद चलेगा।