बुधवार रात सवा दस बजे इमरजेंसी रोस्टिंग हो गई। इससे एक साथ पूरे शहर में
अंधेरा छा गया। कूलर और एसी ने काम करना बंद कर दिया। रात सवा बारह बजे
बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं गुरुवार को पूरे दिन
ट्रिपिंग होती रही। कैपरगंज निवासी गुड्डूू, अमर नगर निवासी सर्वेश
दीक्षित, सत्य नगर निवासी अर्जुन, जैतूपुर निवासी गुरु प्रसाद ने कहा कि
अधिकारी भले ही नगर को 22 घंटे बिजली देने का दावा कर रहे हों, लेकिन
असलियत इससे अलग है। उधर, एसडीओ टाउन पीके सिंह का कहना है कि मुख्यालय से
आदेश आने पर रात में दो घंटे की इमरजेंसी कटौती हुई थी।