जिले में सोमवार रात आंधी, पानी के साथ ओलावृष्टि ने तबाही मचाई। गेहूं, सरसों की फसलें जहां जमीन पर गिर गई, वहीं कई पेड़ और उनकी डालें तक टूट गईं। यही नहीं कई ग्रामीणों के छप्पर भी ढह गए।
रायबरेली-इलाहाबाद रेलखंड पर पेड़ गिरने के कारण त्रिवेणी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे खड़ी रही। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। ऊंचाहार-उन्नाव मार्ग पर भी पेड़ गिरने से आठ घंटे तक आवागमन ठप रहा। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फसलों का नुकसान होने से किसानों के चेहरे मुरझा गए। करीब 15 फीसदी से अधिक नुकसान हुआ है। इस बार पहले से ही रबी की फसल की बोवाई लेट हुई थी। अब मौसम की मार किसानों पर भारी पड़ रही है।
सोमवार रात में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आंधी और बारिश के साथ ओले भी गिरे। इससे सबसे ज्यादा नुकसान रबी की फसल को हुआ है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर धराशायी हो गई। सरसों की भी फसल गिर गई।
यही नहीं कुछ सरसों की फसल खेत में कटी पड़ी थी, जो भीग गई। गदागंज प्रतिनिधि के मुताबिक रायबरेली-इलाहाबाद रेलखंड स्थित गेट संख्या एक ए पर सवैयाधनी गांव के पास रेल ट्रैक पर यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया।
इसी बीच त्रिवेणी एक्सप्रेस लखनऊ से इलाहाबाद जा रही थी। ट्रैक बाधित होने के कारण ट्रेन रुक गई। ग्रामीण राजेंद्र पासी, घनश्याम भारती, अवधेश कुमार, पप्पू अवस्थी ने पेड़ काटकर बाहर किया, तब कहीं जाकर ट्रेन गतंव्य स्थान को रवाना हो सकी।
रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे। यही नहीं ऊंचाहार-उन्नाव मार्ग पर दौलतपुर गांव के पास शीशम का पेड़ सड़क पर गिर गया। इससे आवागमन ठप हो गया। सुबह जानकारी होने पर ग्रामीण पहुंचे और पेड़ काटकर उसे बाहर किया, जिस पर आवागमन बहाल हो सका।
महराजगंज ब्लॉक परिसर में पेड़ की डालें टूटकर जमीन पर गिर गई। कई गांवों में ग्रामीणों के छप्पर आंधी के कारण गिर गए। इससे रातभर ग्रामीणों में अफरातफरी रही। गेहूं, सरसों की फसलें गिर गई।
लालगंज मजरे मोन के रहने वाले किसान श्रीकृष्ण चौहान, पहुरावां के बुधई पासी, रूबी का पुरवा के हीरालाल, गोकना के जगतपाल सिंह वैश्य, अतरेहटा के चंद्रशेखर शुक्ला की गेहूं, सरसों की फसल धराशायी हो गई।
जगतपुर में ऊंचाहार क्षेत्र के जमुनापुर चौराहा पर एक दुकान के ऊपर पेड़ गिर गया। इससे दुकान टूट गई। फसलें धराशायी हो गई। जगतपुर क्षेत्र में ओले नहीं गिरे, लेकिन आंधी, पानी के कारण फसलों को नुकसान हुआ। राही, डलमऊ, हरचंदपुर, खीरों, सतांव समेत अन्य क्षेत्रों में भी आंधी, पानी के कारण फसलों को नुकसान हुआ है।
जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के भटपुरवा के किसान इंद्र बहादुर, सिद्धौर के रंजीत सिंह, नवाबगंज के वंश बहादुर, पूरे बोधी मनोहरगंज के राम औतार का कहना है कि पिछले साल भी कुदरत की मार से फसलें तबाह हो चुकी थी।
इस बार भी ऐसा ही होता दिख रहा है। मौसम का आए दिन आंधी के साथ बारिश हो रही है। सोमवार रात आंधी, पानी, ओलावृष्टि होने से गेहूं, सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। अमावां क्षेत्र के ताजपुर के किसान ननबब्बू, पूरे शहादत के शिवरतन का कहना है कि आंधी, पानी से फसलों को नुकसान हुआ है।
उपकृषि निदेश आरके उत्तम का कहना है कि आंधी, पानी के कारण रबी की फसल को अभी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। इसलिए किसान भाई परेशान न हो। किसानों को चाहिए कि वह गेहूं की फसल की सिंचाई को लेकर सावधानी बरतें। कम पानी खेत में लगाएं, ताकि यदि आंधी चले तो फसल गिरने का खतरा कम रहे।