तालाब बन गई सड़क, पलटते वाहन
रायबरेली। मुंशीगंज से डलमऊ जाने वाला राजमार्ग तालाब में तब्दील हो चुका है। मुंशीगंज कस्बे से एम्स गेट तक मार्ग इतना बदहाल है कि अक्सर यहां वाहन पलट जाते हैं। कई बार शिकायत की गई पर लोकनिर्माण विभाग के अभियंताओं ने कोई कार्रवाई नहीं की। मार्ग बदहाल होने से यहां अक्सर जाम लग जाता है।
गड्ढों में गुम हुआ सुंदरगंज-सूची मार्ग
डीह। ब्लॉक क्षेत्र में सुंदरगंज से सूची-पिछवारा, बिंदागंज, बाबूगंज को जोड़ने वाले मार्ग में बहुत गड्ढे हो गए हैं। इस मार्ग से रोजाना 10 हजार लोग आवागमन करते हैं। इसी मार्ग से कार्तिक पूर्णिमा में श्रद्धालु गंगा स्नान करने के लिए ऊंचाहार के गोकना घाट जाते हैं, लेकिन इस मार्ग में गड्ढे होने से गंगा स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
चलने लायक नहीं चार किलोमीटर राजमार्ग
शिवगढ़। ब्लॉक क्षेत्र में बांदा-बहराइच राजमार्ग चलने लायक नहीं है। सड़क का आठ महीने पहले नवीनीकरण कराया गया, लेकिन जगह-जगह मार्ग उखड़ गया है। शिवगढ़ रजबहा से बाराबंकी सीमा तक चार किलोमीटर सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हैं। अधिकारी जानकर भी अनजान बने हैं।
रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का आदेश दिया है। हालांकि जैसे काम चल रहा है, उससे तय समय में काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। इसका खामियाजा पांच लाख से ज्यादा ग्रामीण व राहगीरों को भुगतना पड़ेगा। सबसे ज्यादा सड़कें ग्रामीण आंचल की खराब हैं।
हालत यह है कि 15 दिन से ज्यादा बीते पर एक तिहाई सड़कें बदहाल हैं। सड़कों को दुरुस्त करने के लिए अब 15 दिन शेष हैं। इतने कम समय में कैसे सड़कें दुरुस्त होंगी। लोकनिर्माण विभाग ने 1239 किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का खाका तैयार किया है।
अब तक 790 लाख रुपया उपलब्ध कराया गया है। अब तक लक्ष्य से आधी सड़कों का काम हो जाना चाहिए था, लेकिन अभियंताओं की लापरवाही से काम में तेजी नहीं आ रही है। यही वजह है कि अब तक 243 किलोमीटर सड़कें ही गड्ढामुक्त हो पाईं हैं।
प्लांटों को चलाने में हीलाहवाली
लोक निर्माण विभाग के तीनों खंडों के प्लांट बने हैं, लेकिन इन्हें चलाने में हीलाहवाली हो रही है। यही वजह है कि समय से गड्ढों में डालने के लिए सामग्री तैयार नहीं हो पा रही है। जिन सड़कों की पैचिंग का काम होना है वहां मैनुअल तरीके से सामग्री बनाई जा रही है। जिससे काम में तेजी नहीं आ रही है।
युद्धस्तर पर चल रहा कार्य: एक्सईएन
युद्धस्तर पर पैचिंग का काम चल रहा है। काम कराने वाले ठेकेदारों को तेज काम काराने का निर्देश दिया गया है। 15 नवंबर तक पैच मरम्मत का काम पूरा कराने का प्रयास होगा।
-दिनेश कुमार कुरील, एक्सईएन लोकनिर्माण प्रांतीय खंड